समाजवादी पार्टी का पीडीए वैश्य-व्यापारी सम्मेलन मंगलवार को आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि सपा व्यापार सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष जगन अग्रवाल ने कहा कि सपा की सरकारों ने हमेशा व्यापारी वर्ग के हितों को प्राथमिकता दी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों से छोटे और मध्यम व्यापारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जीएसटी और नोटबंदी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन फैसलों से छोटे व्यापार और उद्योगों पर प्रतिकूल असर पड़ा है। सपा सरकार में स्थानीय उद्योगों और उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं चलाई गई। वाराणसी के साड़ी उद्योग, मऊ-आजमगढ़ के कालीन, अलीगढ़ का ताला, मुरादाबाद का पीतल और कन्नौज के इत्र उद्योग को प्रोत्साहन देने का काम किया गया।
विशिष्ट अतिथि व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल ने कहा कि 2027 में सपा की सरकार बनने पर व्यापारी वर्ग को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
सम्मेलन में व्यापारी सुरक्षा आयोग का गठन, व्यापारी वर्ग से एमएलसी बनाए जाने और ऑनलाइन व्यापार व्यवस्था में सुधार सहित कई मांगें प्रमुखता से उठाई गईं। आयोजक अरविंद केसरवानी ने अतिथियों को चांदी का मुकुट पहनाकर स्वागत किया। संचालन हरिओम साहू ने किया। अध्यक्षता सपा जिलाध्यक्ष अनिल यादव ने की।
डॉ. अजय चौरसिया, धर्मेंद्र सोलंकी, कमलेश गुप्ता, मदन जायसवाल, प्रवीण केसरवानी, अनिल केसरी, राजा बाबू केसवानी और दिनेश केसरवानी ने संबोधित किया।
इस मौके पर महानगर अध्यक्ष सैयद इफ्तेखार हुसैन, एमएलसी डॉ. मानसिंह यादव, विधायक विजमा यादव, पूर्व सांसद धर्मराज पटेल, पूर्व विधायक सत्यवीर मुन्ना, वासुदेव यादव, पंधारी यादव, अमरनाथ मौर्य आदि रहे।