फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हॉस्टल वाशआउट के मुद्दे पर राज्यपाल ने स्पष्ट की स्थिति

Sat, 30 Jun 2018 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रावासों को खाली कराने के मामले में राज्यपाल रामनाईक ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने प्रेसवार्ता में बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन राष्ट्रपति को इसका जवाब सौंप चुका है। छात्रावास न्यायालय के आदेश पर खाली कराया जाना है।विश्वविद्यालय प्रशासन ने हॉस्टल वॉसआउट करने की कार्रवाई शुरू की थी लेकिन छात्रों ने इसका तीव्र विरोध किया था। इस दौरान शहर में जमकर आगजनी हुई थी। पुलिस की कार्रवाई में कई युवाओं को चोट लगी थी। कई गिरफ्तार भी किए गए। इसके विरोध में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने राज्यपाल को सौंपा था। एएमए के शताब्दी समारोह में शामिल होने के लिए यहां आए राज्यपाल ने एयरपोर्ट पर मीडिया को बताया कि यह मामला केंद्र से संबंधित था। इसलिए उन्होंने ज्ञापन राष्ट्रपति को भेज दिया था। एएमए के कार्यक्रम में आए राष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय प्रशासन का जवाब उन्हें सौंपा और स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चार हॉस्टल नहीं खाली कराए जाएंगे। राज्यपाल ने छात्रों के निष्कासन, गिरफ्तारी आदि को लेकर विश्वविद्यालय एवं जिला प्रशासन की ओर से अब तक की गई कार्रवाई के बारे में भी बताया। इसी क्रम में राज्यपाल ने अपनी नई पुस्तक के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक पर सात जुलाई को एक कार्यक्रम होगा।
विज्ञापन


एएमए के शताब्दी समारोह में राष्ट्रपति ने स्पेशल डाक कवर और कैंसलेशन कैचेट जारी किया। इस मौके पर डॉक विभाग के चीफ पोस्टमास्टर जनरल विनय कुमार तिवारी, पोस्टमास्टर जनरल एमयू अब्दाली, प्रवर अधीक्षक, फिलेटलिक इंचार्ज राजेश, एएमए डॉ.मनीषी बंसल वर्मा आदि मौजूद रहे।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का काफिला करीब 40 मिनट देर से सर्किट हाउस पहुंचा। उनका प्लेन दिन में 1.10 बजे बमरौली एयरपोर्ट पर पहुंचना था। वहां से करीब डेढ़ बजे उन्हें सर्किट हाउस पहुंचना था लेकिन उनका काफिला 2.10 पर पहुंचा। इसके बाद करीब 3.30 बजे तक भोजन और आराम के लिए आरक्षित रहा। इसके बाद पौने पांच बजे तक कुछ चुनिंदा लोगों से मुलाकात की। करीब पांच बजे वह एएमए के शताब्दी समारोह में होने के लिए पहुंचे। समारोह खत्म होने के बाद शाम 6.20 बजे वह बमरौली एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए।
विज्ञापन


राष्ट्रपति के सामने ही पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ की जुबां पर शहर की उपेक्षा का दर्द छलक पड़ा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि  इलाहाबाद महानगर है लेकिन पीड़ा होती है कि यह उपेक्षित हो गया है। हालांकि, बाद में उन्हाेंने जोड़ा कि यह मंच इन बातों के लिए नहीं है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी के बुलावे पर एएमए के शताब्दी समारोह में शामिल होने का आमंत्रण स्वीकार किया। राष्ट्रपति ने संबोधन की शुरुआत में ही कहा कि केशरीनाथ ने उन्हें आमंत्रित किया वह भी फोन पर। इस आमंत्रण को वह नकार नहीं सके लेकिन इतना जरूर पूछा कि ‘आप तो विधि के ज्ञाता हैं। फिर डॉक्टरों की वकालत क्यों?’ इस सवाल का उनका बहुत ही अद्भुत जवाब था। केशरीनाथ ने कहा, ‘विधि और चिकित्सा क्षेत्र के लोग मिलकर काम करें तो उत्साह बढ़ जाएगा।’ इसी क्रम में उनका दूसरा जवाब था कि ‘मैं इलाहाबाद का हूं और इस नाते से आपको आमंत्रित कर रहा हूं।’

एएमए के शताब्दी समारोह में शामिल होने के लिए आए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने काला मोती बनाने में सफलता पाने वाले वैज्ञानिक डॉ.अजय कुमार सोनकर से इस प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से चर्चा की। सर्किट हाउस में हुई मुलाकात में राष्ट्रपति ने डॉ.अजय से इलाहाबाद में भी इसका प्रोजेक्ट शुरू करने का सुझाव दिया। इससे उन्होंने ग्रामीणों को भी जोड़ने की बात कही। ताकि, ग्रामीणों को रोजगार मिल सके। अभी डॉ.सोनकर का प्रोजेक्ट अंडमान निकोबार में चल रहा है।
डॉ.सोनकर बताया कि  यहां भी प्रोजेक्ट स्थापित करने की दिशा में काम शुरू हो चुका है। राष्ट्रपति की मंशा के अनुरूप काम आगे बढ़ाया जाएगा और ग्रामीण युवाओं को जोड़ा जाएगा। सर्किट हाउस में राष्ट्रपति से गंगा सफाई को लेकर दाखिल याचिका में न्याय मित्र अरुण गुप्ता, आल इंडिया एलपीजी फेडरेशन के सचिव केपी मिश्रा, कपिल बोधा ने भी मुलाकात की। राष्ट्रपति ने इन लोगों से गंगा सफाई के बारे में जानकारी ली। राष्ट्रपति से मिलने वालों में मंजू चंद्रा भी शामिल रहीं।

राष्ट्रपति के कार्यक्रम से भाजपा के सांसद श्यामा चरण गुप्त ने ही दूरी बनाए रखी। उपेक्षा से नाराज श्यामा चरण एएमए के शताब्दी  समारोह में शामिल नहीं हुए और न ही सर्किट हाउस में राष्ट्रपति से मुलाकात की। वह एयरपोर्ट पर भी राष्ट्रपति के स्वागत के लिए नहीं पहुंचे। श्यामा चरण ने पहले ही नाराजगी जाहिर कर दी थी। उनका कहना था कि वह सांसद हैं और उनका एक प्रोटोकाल है। समारोह में उचित स्थान नहीं मिला तो वह लौट आएंगे। हालांकि, राष्ट्रपति के स्वागत के लिए उन्होंने समारोह स्थल पर पहुंचने की बात कही थी लेकिन पहले से स्पष्ट हो गया था कि उन्हें राष्ट्रपति के साथ मंच पर जगह नहीं मिलेगी। बताया जा रहा है कि इससे नाराज होकर वह समारोह में ही नहीं गए। इस बारे में श्यामा चरण से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन नहीं उठा।

एएमए के शताब्दी समारोह के मंच पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उनकी पत्नी सविता कोविंद के साथ प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी, कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, महापौर अभिलाषा गुप्ता, एएमए के अध्यक्ष डॉ.अनिल शुक्ला, आईएमए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ.अशोक अग्रवाल मौजूद रहे। संचालन राधारानी घोष ने किया। इससे पहले राज्यपाल और अन्य नेताओं ने एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति और देश की प्रथम महिला का स्वागत किया। फिर विदाई दी। इस मौके पर मंडलायुक्त डॉ.आशीष गोयल, डीएम सुहाए एलवाई आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें