उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रयागराज में संगम क्षेत्र में संतों से मुलाकात की। यहां वह शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती, श्री राम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती और सतुआ बाबा के शिविर में गए। संतों से मुलाकात के साथ ही सीएम संगम नोज भी गए। वहां आरती में शामिल हुए।
इस दौरान सीएम योगी ने गंगा जल का आचमन भी किया। सीएम ने स्वामी वासुदेवानंद को बताया कि घूमने वाले एक लाख गौवंश के पालन पोषण के लिए उनकी सरकार ने भत्ता देने की तैयारी की है। प्रति गौवंश लालन पोषण के लिए सरकार 900 रुपये प्रतिमाह देने की तैयारी कर रही है।
अपने तयशुदा कार्यक्रम के तहत सीएम योगी सर्किट हाउस से सीधे माघ मेला क्षेत्र में गए। वहां सबसे पहले वह नृत्य गोपाल दास के शिविर में गए। वहां तकरीबन दस मिनट दोनों की अकेले में मुलाकात हुई। बताया जा रहा है कि नृत्य गोपाल दास ने पिछले दिनों विहिप शिविर में आयोजित संत सम्मेलन में पास हुए तमाम प्रस्तावों की जानकारी सीएम को दी।
कहा कि राम मंदिर का जो मॉडल विहिप शिविर में रखा हुआ है, उसी मॉडल पर राम मंदिर का निर्माण अयोध्या में हो। मंदिर के ट्रस्ट पर भी बातचीत हुई। वहां से शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती से सीएम ने मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। सीएम योगी सतुआ बाबा के भी शिविर में भी गए। इस दौरान उन्होंने स्वामी वासुदेवानंद से भी मुलाकात की। उनसे गंगा के निर्मलीकरण, गौरक्षा एवं जैविक खेती पर चर्चा हुई।
सीएम ने स्वामी वासुदेवानंद को बताया कि इधर-उधर घूमने वाले एक लाख गौवंश के पालन पोषण के लिए सरकार संकल्पित है। प्रति गौवंश लालन पोषण के लिए सरकार 900 रुपये प्रतिमाह देने की तैयारी कर रही है। वासुदेवानंद के यहां मुलाकात के दौरान विहिप गौरक्षा पदाधिकारी लालमणि तिवारी भी मौजूद रहे।