गन्ना पर्यवेक्षकों के रिक्त भरने पर निर्णय ले सरकार
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों के निस्तारण का निर्देश दिया
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग लखनऊ को गन्ना पर्यवेक्षकों की 2016 की भर्ती में सभी विज्ञापित पदों को न भर कर कुछ पद खाली रखने के खिलाफ याची की आपत्ति को सुनकर तीन माह में सकारण आदेश पारित करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने ललितपुर के नीरज कुमार जैन व अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याची का कहना है कि आयोग ने गन्ना पर्यवेक्षक के 874 पदों की भर्ती का 2016 में विज्ञापन निकाला। ऑनलाइन आवेदन मांगे गए। किंतु 782 पदों का ही परिणाम घोषित किया गया। 49 को सशर्त सफल घोषित किया गया। और 31अभ्यर्थियों का परिणाम अपर्याप्त दस्तावेज के कारण रोक लिया गया। याचीगण ने कट ऑफ मार्क प्राप्त किया है फि भी उन्हें सफल घोषित नहीं किया गया। बचे 31 अभ्यर्थियों में से 22 का परिणाम बाद में घोषित कर दिया गया। आरटीआई से पूछने पर पता चला कि 829 पहले और 22 बाद में कुल 851 अभ्यर्थियों को चयनित किया गया है। जबकि 874 पदों को विज्ञापित किया गया था। 23 पदों को अभी भी नहीं भरा गया है।