इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेदखली का मनमाना आदेश देने वाले आजमगढ़ के सदर तहसीलदार अनिल कुमार पाठक के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी सरकार से मांगी है। साथ ही स्टे को अगली तारीख तक बढ़ा दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की पीठ ने अनिल कुमार, सुहेल व नन्हे की याचिका पर दिया।
आजमगढ़ की सदर तहसील के दाउदपुर गांव निवासी याचियों के खिलाफ तहसीलदार ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर मकान बनाने के मामले में हर्जाना लगाते हुए 17 जुलाई 2021 को बेदखली आदेश जारी कर दिया। इस दौरान आपत्तियां दर्ज करने का समय नहीं दिया गया और कहा कि साक्ष्य की जरूरत नहीं है। 19 सितंबर 2024 को अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) ने भी अपील भी खारिज कर दी। इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी।
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याची के वकील ने दलील दी कि यूपी राजस्व संहिता के प्रावधानों का पालन किए बगैर विवादित आदेश पारित किया गया है। इसे रद्द किया जाना चाहिए। न्यायालय ने पक्षों को सुनने के बाद आपत्तियां दर्ज करने का समय न देने और साक्ष्य की जरूरत नहीं है कहने को गंभीरता से लिया। प्रमुख सचिव (राजस्व) को तहसीलदार की कार्यप्रणाली पर जवाब मांगा था।
प्रमुख सचिव राजस्व विभाग ने हलफनामा दायर कर बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद तहसीलदार अनिल कुमार पाठक के खिलाफ उचित विभागीय कार्यवाही के लिए नियुक्ति प्राधिकारी, राजस्व बोर्ड, लखनऊ को पत्र भेजा गया है।