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हाइकोर्ट ने डीएम से मांगा जवाब: गाजियाबाद में ऑक्सीजन की कालाबाजारी को सरकार ने नकारा, विधायक की शिकायत की जांच

Mon, 24 May 2021 06:53 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज

सार

याची का कहना है कि गाजियाबाद में ऑक्सीजन की कमी के कारण कोविड मरीजों की मौत हो गई और जिस अधिकारी पर जिले में ऑक्सीजन आपूर्ति की जिम्मेदारी है, वह ब्लैक मार्केटिंग में लिप्त हैं। हालांकि, राज्य सरकार ने याचिका में लगाए आरोपों को सिरे से नकार दिया और कहा कि किसी भी अस्पताल ने ऑक्सीजन कमी की शिकायत नहीं की है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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गाजियाबाद में ऑक्सीजन सिलिंडर की काला बाजारी और इसे दिल्ली व हरियाणा को अवैध आपूर्ति करने के आरोपों से प्रदेश सरकार ने साफ इंकार किया है। गाजियाबाद के लोनी विधायक नंद किशोर ने एडीएम सिटी के खिलाफ काला बाजारी करने का आरोप लगाया है। 

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उनकी जनहित याचिका पर सोमवार को इलाहाबाद हाइकोर्ट ने डीएम को जांच रिपोर्ट के साथ दो हफ्ते में  व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने जिले से प्राप्त जानकारी के आधार पर याची के आरोपों को निराधार करार दिया और कहा कि गाजियाबाद को 35 कोविड अस्पतालों में से किसी भी अस्पताल ने आक्सीजन आपूर्ति न होने की शिकायत नहीं की है। 

लोनी के एकमात्र कोविड अस्पताल ने भी ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर कोई शिकायत नहीं की है। ऐसे में याची की शिकायत मनगढंत और निराधार है। कोर्ट ने अपर महाधिवक्ता द्वारा दी गई जानकारी को हलफनामे के साथ दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका की सुनवाई 7 जून को होगी।
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यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति साधना रानी ठाकुर की खंडपीठ ने लोनी के विधायक नंद किशोर की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। याचिका में एडीएम सिटी पर ब्लैक मार्केटिंग करने तथा दिल्ली हरियाणा को अवैध ऑक्सीजन सिलिंडर भेजने का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय या सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है।

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याची का कहना है कि गाजियाबाद में ऑक्सीजन की कमी के कारण कोविड मरीजों की मौत हो गई और जिस अधिकारी पर जिले में ऑक्सीजन आपूर्ति की जिम्मेदारी है, वह ब्लैक मार्केटिंग में लिप्त हैं। हालांकि, राज्य सरकार ने याचिका में लगाए आरोपों को सिरे से नकार दिया और कहा कि किसी भी अस्पताल ने ऑक्सीजन कमी की शिकायत नहीं की है। 

जिलाधिकारी गाजियाबाद ने एसएसपी को याची द्वारा एक मई को भेजी गई शिकायत की जांच बैठा दी है। मुख्य विकास अधिकारी अस्मिता लाल को जांच सौंपी गई है। रिपोर्ट अभी आनी है। इस पर कोर्ट ने कहा कि जो भी बातें सरकार की तरफ से बताई गई हैं, जिलाधिकारी हलफनामे के जरिए कोर्ट में दाखिल करें।

सरकार का यह भी कहना है कि ऑक्सीजन आपूर्ति केंद्र सरकार कर रही है। जिले में वितरण की निगरानी के लिए एडीएम सिटी, सीएमओ व संयुक्त आयुक्त जिला उद्योग सेंटर की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गयी है। ऑक्सीजन सिलिंडर आपूर्ति एजेंसी द्वारा सीधे अस्पताल को की जाती है। किसी भी अस्पताल ने ऑक्सीजन की कमी की शिकायत नहीं की है।

लोगों की मदद के लिए कंट्रोल रूम बना है, जो 24 घंटे कार्यरत है। किसी ने भी कंट्रोल रूम को शिकायत नहीं की है। लोनी में 12 बेड का कोविड अस्पताल है। उसने भी शिकायत नहीं की है। केवल याची ने एसएसपी को शिकायत की है उसकी जांच की जा रही है। आरोप निराधार है। याचिका की सुनवाई 7 जून को होगी।
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