विवि ने कहा- मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन
नैनी। शुआट्स मीडिया कमेटी के चेयरमैन डॉ. रमाकांत दुबे ने बताया कि 53 प्राध्यापकों को हटाए जाने के संबंध में मामला हाईकोर्ट के समक्ष विचाराधीन है। कोर्ट के निर्णय के पूर्व उनकी पुनःनियुक्ति विश्वविद्यालय में किया जाना संभव नहीं है।
विश्वविद्यालय में कई विभागों में 90 प्रतिशत से अधिक सीटें रिक्त होने और गंभीर वित्तीय संकट के कारण प्रावधानित नियमों के तहत 10 विभाग को बंद कर 53 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। इन शिक्षकों के वेतन के लिए यदि उत्तर प्रदेश शासन से अनुदान स्वीकृत किया जाता है तो बंद किए गए विभागों को पुनः खोलने में कोई आपत्ति नहीं है।
उत्तर प्रदेश शासन ने शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति के संबंध में 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। सभी नियुक्तियां निर्धारित मानकों और नियमों का पालन करते हुए की गई हैं। नियुक्ति संबंधी समस्त अभिलेख एवं स्पष्टीकरण निर्धारित अवधि में शासन को उपलब्ध करा दिए जाएंगे।