लालापुर के पडुवा गांव किराए के कमरे में संचालित केंद्रीय जल आयोग का कार्यालय। संवाद
पंडुवा गांव में केंद्रीय जल आयोग का बाढ़ नियंत्रण कार्यालय लगभग 67 वर्ष से किराये के एक कमरे में संचालित हो रहा है। इसकी स्थापना 1 अप्रैल 1959 को यमुना नदी के किनारे हुई थी। कार्यालय में एक दर्जन कर्मचारी तैनात हैं जो यमुना के जल स्तर की जानकारी विभाग को देते हैं। इससे समय पर सतर्कता जारी होती है और स्थानीय प्रशासन को भी सूचना मिलती है। वर्ष 1978 की बाढ़ में कर्मचारियों ने अपनी स्टीमर से हजारों लोगों को सुरक्षित बचाया था। अब कार्यालय के पास केवल एक छोटी नाव है जिससे पानी का प्रवाह नापा जाता है। जेई जयराम कुमार ने बताया कि सरकारी जमीन न मिलने के कारण कार्यालय किराये के कमरे में है। विभाग ने कई बार यमुना किनारे भूमि उपलब्ध कराने का पत्र जारी किया था।