सरकार ने लेखपालों की मांगे मानी ली हैं। इसके बाद लेखपालों ने मंगलवार को हड़ताल खत्म करने की घोषणा की। हालांकि, तत्काल मुहर लगाने के बजाय मांगों को कैबिनेट में ले जाने के फैसले पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने समझौते को जल्द लागू करने की मांग की है। आठ सूत्रीय मांग को लेकर लेखपाल तीन जुलाई से हड़ताल पर रहे। एस्मा लगने के बाद भी लेखपाल अड़े रहे। इस पर यहां नौ लेखपालों को निलंबित कर दिया गया था। इससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई थी और मंगलवार को भी कलेक्ट्रेट में जमावड़ुा हुआ। इस दौरान आयोजित सभा में ही सरकार के साथ समझौता होने सूचना आई।
लेखपाल संघ के प्रांतीय पदाधिकारियों की मुख्य सचिव डा. अनूप चंद्र पांडेय व राजस्व विभाग के वरिष्ठ अफसरों की वार्ता का नतीजा सकारात्मक रहा। लेखपाल पदाधिकारियों ने हड़ताली साथियों के खिलाफ की गई कार्रवाई वापस लेने की मांग की। इसे भी शासन ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद प्रांतीय नेताओं ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की। संघ के जिलामंत्री राजकुमार सागर का कहना था कि वार्ता में हुए समझौता के बिंदुओं को एक महीने में कैबिनेट से पारित कराया जाएगा। उधर, डीएम सुहास एलवाई का कहना है कि हड़ताल खत्म हो गई है। लेखपालों का निलंबन वापस लेने पर निर्णय शासन के निर्देश पर किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, हरिश्चंद्र चौरसिया, राम सिंह यादव, अवनीश पांडेय आदि शामिल रहे।
इन प्रमुख मांगों पर सहमति
- एसीपी विसंगति, वेतनमान उच्चीकरण व पेंशन विसंगति से जुड़े प्रकरण पर सरकार विचार करेगी। जो मामले वेतन समिति की संस्तुतियों में शामिल हैं। सरकार उस पर निर्णय कराएगी। जो मामले वेतन समिति में नहीं हैं, उसे मुख्य सचिव समिति में रखा जाएगा।
- पदनाम संशोधन, शैक्षिक अर्हता में वृद्धि, स्थानान्तरण आदि कैडर रिव्यू से जुड़ी मांगों पर एक महीने में प्रस्ताव तैयार कराया जाएगा।
- भत्तों में वृद्धि पर सैद्धांतिक सहमति दी गई। वित्त विभाग से इस पर कार्रवाई कराई जाएगी। जो मामले वेतन समिति में नहीं होंगे उसे मुख्य सचिव समिति के सामने रखा जाएगा।
- लैपटाप व स्मार्टफोन देने की कार्यवाही राजस्व परिषद तेजी से कराएगा।
- जहां नई तहसीलें बनी हैं वहां तत्काल एक कक्ष साज-सज्जा के साथ लेखपालों के लिए आवंटित किया जाएगा। पुरानी तहसीलों में यदि अतिरिक्त कक्ष हैं तो वहां एक कक्ष दिया जाएगा। जहां अतिरिक्त कक्ष नहीं हैं वहां चरणबद्ध तरीके से नए कक्ष बनवाकर साज-सज्जा के साथ उपलब्ध कराए जाएंगे।
- आय-जाति व निवास प्रमाणपत्र के लिए प्राप्त होने वाले 20 यूजर चार्ज में 5 रुपये लेखपालों को प्रिंटिंग खर्च पर मिलेगा।
- लेखपालों का काडर तो मंडल स्तरीय ही रहेगा लेकिन सेवाकाल में एक बार उनके निजी अनुरोध पर उनके गृह मंडल के किसी जिले में स्थानान्तरण की सुविधा मिलेगी। हालांकि गृह जिले में स्थानान्तरण नहीं होगा।
- लेखपालों को निर्वाचन कर्मी मानते हुए बीमा का लाभ व रजिस्ट्रार कानूनगो की तरह एक माह का अतिरिक्त वेतन देने, बूथ निर्माण पर प्रति बूथ 1000 रुपये खर्च का भुगतान कराने के लिए केंद्रीय निर्वाचन आयोग को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
- क्राप कटिंग के लिए 40 रुपये की जगह 80 रुपये मजदूरी, किसानों को फसल क्षतिपूर्ति के लिए 20 की जगह 100 रुपये व लेखपाल को मानदेय के रूप में 40 की जगह 80 रुपये देने पर सहमति बनी।
- कृषि गणना के संबंध में लेखपालों को भुगतान की जाने वाली राशि 1000 रुपये से बढ़ाने पर सहमति। केंद्र को प्रस्ताव भेजा जाएगा।