कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों के उपचार में उपयोगी माने जा रहे रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत के बाद शासन ने सभी जिलों में कई चरणों में इनकी आपूर्ति कराई थी। सरकारी अस्पतालों में रेमडेसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता के बाद कालाबाजारी पर रोक और तीमारदारों का भटकाव भी कम हुआ। अब इंजेक्शन के प्रतिकूल पभाव के बाद दो बैच के इंजेक्शनों के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है।
इस संबंध में अतिरिक्त निदेशक चिकित्सा शिक्षा और अतिरिक्त अपर मुख्य सचिव स्तर से अलग-अलग आदेश जारी किए गए हैं। सीएमओ डॉ. प्रभाकर राय ने बताया कि अभी आदेश नहीं देखा। रेलवे और बेली अस्पताल में रेमडेसिविर इंजेक्शन का बैच नंबर चेक कराएंगे। वहीं मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह के मुताबिक कॉलेज के एसआरएन अस्पताल में किसी मरीज या तीमारदार की रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाने से हालत नहीं बिगड़ी है। इस संबंध में इंजेक्शन के बैच नंबर जांचने के बाद ही इंजेक्शन इस्तेमाल के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि हो सकता है कि प्रतिबंधित बैच के इंजेक्शन की आपूर्ति यहां न हुई हो। सोमवार को स्टाक और बैच नंबर की जांच के बाद ही इंजेक्शन इस्तेमाल में लाए जाएंगे।