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Prayagraj News: केपी ट्रस्ट की गवर्निंग कौंसिल की बैठक अब ऑनलाइन, बढ़ा विरोध

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कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट की गवर्निंग कौंसिल की 27 अक्तूबर को प्रस्तावित बैठक अब ऑनलाइन मोड में होगी। हालांकि, बैठक के प्रारूप में परिवर्तन के बाद विरोधी गुट सक्रिय हो गया है और आरोप लगाया है कि अध्यक्ष डॉ. सुशील सिन्हा हकीकत का सामना नहीं करना चाहते। वहीं, महामंत्री वीर कृष्ण श्रीवास्तव का कहना है कि धारा 163 लागू होने के कारण पुलिस ने ऑफलाइन बैठक के आयोजन की मंजूरी नहीं दी।
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अध्यक्ष के खिलाफ 20 अक्तूबर को केपी कॉलेज मैदान पर इकट्ठा हुए विरोधी गुट के लोगों ने दावा किया था कि कायस्थ पाठशाला की गवर्निंग कौंसिल के सदस्यों द्वारा कायस्थ पाठशाला के नियम 20 (ii) के तहत बुलाई असाधारण बैठक में अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हो गया है।
अब नियम 40 के प्रावधानों के अंतर्गत वर्तमान अध्यक्ष डॉ. सुशील कुमार सिन्हा द्वारा धारित पद रिक्त हो गया है। हालांकि, अध्यक्ष डॉ. सुशील सिन्हा और महामंत्री वीर कृष्ण श्रीवास्तव ने विरोधी गुट की बैठक को फर्जी लोगों को फ्लॉप शॉ करार देते हुए बैठक को सिरे से खारिज कर दिया था। महामंत्री ने बताया कि गवर्निंग कौंसिल की जो बैठक 27 अक्तूबर को शाम चार बजे केपी इंटर कॉलेज के सभागार में प्रस्तावित थी, वह अब धारा 163 लागू होने के कारण ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी।
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कायस्थ पाठशाला रूल्स के नियम 19 के अनुसार कायस्थ पाठशाला की अर्धवार्षिक बैठक अक्टूबर माह में अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। भारतीय न्याय संहिता की धारा 163, 23 नवंबर तक लागू है। पुलिस से अनुमति न मिलने के कारण और रूल्स में आवश्यक होने के कारण अब अक्टूबर माह की बैठक ऑनलाइन मोड में रविवार को को शाम चार बजे आयोजित की जाएगी।
उधर, कायस्थ पाठशाला के पूर्व उपाध्यक्ष कुमार नारायण का कहना है कि नियम 22 के अनुसार बैठक के स्थल परिवर्तन का अधिकार अध्यक्ष में निहित है। डॉ. सुशील कुमार सिन्हा 20 अक्तूबर को पारित अविश्वास प्रस्ताव के तहत अध्यक्ष पद से अवमुक्त कर दिए गए हैं।
साथ ही नियम के अनुसार बैठक किसी विशिष्ट स्थान पर ही आयोजित की जा सकती है। ऑनलाइन बैठक का कोई प्रावधान कायस्थ पाठशाला की नियमावली में नहीं है। बैठक केपी कॉलेज में ही होनी चाहिए।
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