इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के संघटक आर्यकन्या गर्ल्स डिग्री कॉलेज में बीकॉम में प्रवेश को लेकर विवाद बढ़ने के बाद कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने कॉलेज की गवर्निंग बॉडी को सस्पेंड करते हुए उसके अधिकार सीज कर दिए हैं। साथ ही जांच के लिए चार सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन भी कर दिया है। कमेटी एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट कुलपति को देगी। विवाद के कारण मंगलवार को छात्र-छात्राएं कुलपति कार्यालय पर शाम तक धरने पर बैठे रहे और प्रवेश दिए जाने की मांग पर अड़े रहे। हालांकि कार्रवाई के बाद धरना खत्म हो गया।
आर्यकन्या डिग्री कॉलेज में इस सत्र से बीकॉम का पाठ्यक्रम शुरू हुआ है। इसमें सह शिक्षा प्रणाली लागू की गई है। आर्यकन्या में बीकॉम के लिए 60 सीटें मंजूर की गईं है लेकिन कॉलेज प्रशासन ने बिना कोई कटऑफ जारी किए सभी विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए बुला लिया। 60 सीटों के मुकाबले 120 विद्यार्थियों की काउंसलिंग कर दी गई और उनसे फीस के लिए डिमांड ड्राफ्ट भी ले लिया गया। सीटों की संख्या के बराबर प्रवेश दे दिए गए लेकिन अतिरिक्त अभ्यर्थियों को दाखिला नहीं दिया गया। अभ्यर्थियों ने हंगामा शुरू किया तो उनसे कहा गया कि सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए इविवि प्रशासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
अभ्यर्थियों को 15 दिनों से यही आश्वासन देकर कॉलेज से लौटा दिया जा रहा है। उनका गुस्सा भड़का तो मंगलवार दोपहर कुलपति कार्यालय पहुंच गए और वहां धरने पर बैठ गए। अभ्यर्थी प्रवेश दिए जाने की मांग पर अड़े रहे। मामला कुलपति तक पहुंचा तो उन्होंने तत्काल प्रभाव से आर्य कन्या डिग्री कॉलेज की गवर्निंग बॉडी को सस्पेंड करने और उसके अधिकार सीज करने के आदेश जारी कर दिए। साथ ही चार सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन कर दिया जो कॉलेज से जुड़े शैक्षिक, प्रशासनिक एवं वित्तीय अनियमितताओं की जांच करेगी। कमेटी में डायरेक्टर कॉलेज डेवलपमेंट प्रो. जगदंबा सिंह के साथ प्रो. शांथी सुंदरम, प्रो. सुनीत द्विवेदी और डॉ. राजीव सिंह को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।