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स्मृति शेषः गोपेश के गीतों को मिला पुनर्जीवन

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Gopikrishn Gopesh memory - फोटो : CITY DESK
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गीत-आलेख, संस्मरणों में रेखांकित हुईं छवियां
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94वें जयंती पर गोपेश स्मृति पर्व मेंजुटे रचनाकार
प्रयागराज। गीतकार, निबंधकार, अनुवादक गोपीकृष्ण ‘गोपेश’ के 94वें जन्मदिन पर रविवार को उनका भावपूर्ण स्मरण किया गया। बैंक रोड स्थित प्रो.अनिता गोपेश के आवास पर जुटे रचनाकारों, रंगकर्मियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, रचनाकारों ने आत्मीयता से उन्हें याद किया। उनके और उन पर लिखे आलेखों से गोपेश कई-कई रूपों में रेखांकित हुए। सांगीतिक प्रस्तुतियों में उनके गीतों ने जहां अपने समय का राग सुनाया, वहीं गीतों को पुनर्जीवन भी दिया।
गोपेश जी के समकालीन और अंग्रेजी विभाग के अध्यापक प्रो.हेमेंद्र शंकर सक्सेना ने संस्मरण साझा करते हुए तत्कालीन साहित्यिक परिवेश को याद किया। बेटी प्रो.अनिता गोपेश ने उनकी कविता तुलसीदास और प्रियंका गोपेश ने गोपेश जी पर नीलाभ के लिखे लेेख का पुनर्पाठ किया। इसी क्रम में जलज श्रीवास्तव, संकर्ष मालवीय, अंकिता चतुर्वेदी ने गोपेश के गीतों की सांगीतिक प्रस्तुतियों से आनंदित करते हुए उन्हें पुनर्जीवन दिया। पंकज श्रीवास्तव ने संगत किया।
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अतीत और वर्तमान को जोड़ते हुए संचालन गीतकार यश मालवीय जबकि पौत्र चैतन्य गोपेश ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में प्रो.एए फातमी, श्यामकृष्ण पांडेय, अजामिल, अनिल रंजन भौमिक, अंशु मालवीय, हीरालाल, गौरी सक्सेना, प्रो.श्यामकिशोर सेठ, आशा लाल, डॉ.राधेश्याम अग्रवाल, प्रो.हेरंब चतुर्वेदी, विभु गुप्त, अभिनव गुप्त, अमन वर्मा, अमित पांडेय, प्रो.नीलम सरन गौड़, आरती मालवीय, धीरज कुमार, सुधांशु उपाध्याय, हिमांशु रंजन, एसके यादव, सुधांशु मालवीय, प्रकर्ष मालवीय, तन्मय कबीर, कमलकिशोर कमल, रामजी राय, शिशिर गोपेश, शिरीष गोपेश, स्नेह गोपेेश सहित अनेक शुभचिंतक मौजूद थे।
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गालिब पर व्याख्यान को फातमी मॉरीशस आमंत्रित
प्रयागराज। गालिब की150वीं पुण्यतिथि पर मॉरीशस में 22 से 24 नवंबर तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में शामिल होने के लिए भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद की ओर से इलाहाबाद विश्वविद्यालय उर्दू विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो.अली अहमद फातमी को भी आमंत्रित किया गया है। वह वहां ‘गालिब इक्कीसवीं सदी’ पर अपना व्याख्यान देंगे। प्रो.फातमी प्रयागराज से 19 नवंबर को नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

Gopikrishn Gopesh memory- फोटो : CITY DESK

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