बहियारी कला के रहने वाले गोपाल दुबे की हत्या फिरौती के लिए हुई थी। पकड़े गए आरोपी फारुख उर्फ शीबू के इस बयान के बाद मुख्य आरोपी पंकज उर्फ बृजेश तिवारी की तलाश में दबिश तेज हो गई है। पुलिस का कहना है बृजेश के पकड़े जाने के बाद ही इस पूरे मामला का सही खुलासा होगा। हो सकता है कि कोई भी बात हो और फारुख छिपा रहा हो। फिलहाल मुख्य आरोपी के पकड़े नहीं जाने से स्थानीय स्तर पर काफी आक्रोश देखा जा रहा है।
गोपाल का कंकाल मिलने के बाद पुलिस ने फारुख को गिरफ्तार किया था। फारुख ने पुलिस को बयान दिया है कि गोपाल को फिरौती के लिए मारा गया। अब पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फारुख के बयान से मुख्य आरोपी बृजेश तिवारी के बयान को मिलाया जाएगा। अभी फारुख की बात पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता। बृजेश के पकड़े जाने के बाद पूरे मामले का सही खुलासा होगा। सीओ मेजा ने बताया कि बृजेश की तलाश में क्राइम ब्रांच और थानों की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर काफी आक्रोश व्याप्त है। उनका कहना है कि पुलिस ने जिस तरह आरोपी को एक बार पकड़कर छोड़ दिया था, उससे पुलिस की लचर कार्यशैली का पता चलता है। गांव के हरी बाबू, विंध्यवासिनी प्रसाद, कमलेंद्र मिश्रा, लाल मणी पांडे, जंग बहादुर आदिवासी आदि लोगों का कहना है कि कोरांव पुलिस से उन्हें कोई उम्मीद नहीं है। उधर गोपाल के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। पिता शोभनाथ दुबे व माता धीरजी देवी की आंखें बेटे की याद में रोते रोते पथरा गई हैं।