एक तरफ 14 अप्रैल से जहां सहालग की धूम मचने जा रही है, वहीं दूसरी ओर सोने के बढ़ते दाम ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। नवरात्र में सोना लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। बीते तीन माह में ही सोने के दाम में तकरीबन 14 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है। सोने के भाव में आई तेजी से जिनके यहां शादी-विवाह है, उनका बजट बिगड़ गया है। इससे खरीदारों में निराशा देखने को मिल रही है।
लगातार सोने के दाम में हो रही बढ़ोतरी से सराफा कारोबारी भी निराश हैं। सहालग के पहले और नवरात्र होने के बाद भी बाजार में लोगों की ज्यादा चहल पहल नहीं है। जो लोग बाजार पहुंच भी रहे हैं वह हल्के वजन वाली ज्वेलरी खरीदना ही पसंद कर रहे हैं।
कारोबारियों का कहना है कि बीते तीन माह में सोने के दाम काफी बढ़े हैं। एक जनवरी 2025 को प्रयागराज में सोने का रेट 78,900 रुपये था, जो शुक्रवार चार अप्रैल को 92,500 रुपये तक पहुंच गया। हालांकि, शुक्रवार की सुबह जब बाजार खुला तो संगम नगरी में 24 कैरेट सोने का दाम 93,000 रुपये प्रति दस ग्राम रहा।
सराफा कारोबारी अमिताभ टंडन ने बताया कि बाजार में स्थिरता नहीं है। अमेरिका की ट्रंप सरकार के तमाम फैसलों का असर देश के सराफा बाजार पर पड़ा है। कहा कि सोने का रेट ज्यादा होने की वजह से ग्राहकों की आवाजाही भी बाजार में कम है।
सराफा कारोबारी कुलदीप सोनी ने कहा कि नवरात्र होने के बावजूद सराफा बाजार पूरी रफ्तार से नहीं दौड़ पा रहा है। आने वाले दिनों में सहालग भले ही हो लेकिन ग्राहकों की आवाजाही कम है। वहीं, दूसरी ओर सोने के मुकाबले चांदी ने नरमी दिखानी शुरू कर दी है।
लगातार दस दिन तक चांदी का रेट एक लाख रुपये किलो से ज्यादा रहा, लेकिन बृहस्पतिवार से इसके दाम घटने शुरू हो गए। तीन अप्रैल को प्रयागराज में चांदी का रेट 98,000 रुपये प्रति किलो रहा। वहीं, चार अप्रैल की शाम चांदी का रेट घटकर 95,600 रुपये तक पहुंच गया।
बीते तीन माह के दौरान सोना-चांदी का यह रहा रेट
तारीख : सोना (रुपये प्रति दस ग्राम) : चांदी (रुपये प्रति किलो)
01 जनवरी : 78,900 : 88,600
15 जनवरी : 80,500 : 91,800
01 फरवरी : 84,500 : 93,500
15 फरवरी : 87,500 : 97,500
01 मार्च : 87,600 : 96,000
15 मार्च : 88,650 : 99,500
31 मार्च : 92,100 : 1,04,100
03 अप्रैल : 92700 : 98000
04 अप्रैल : 92,500 : 95,600