कीमतों में आई कमी का दिख रहा असर
कीमतों में आई इस कमी का सीधा असर ग्राहकों के रुख पर दिख रहा है। हालांकि, बाजार में इस समय भारी-भरकम आभूषणों के बजाय हल्के वजन वाले गहनों (लाइटवेट ज्वेलरी) की मांग सबसे ज्यादा देखी जा रही है। सराफा कारोबारी अमिताभ टंडन, अनूप वर्मा के मुताबिक, निवेश के लिहाज से भी यह समय ठीक है क्योंकि आने वाले दिनों में त्योहारी और वैवाहिक सीजन शुरू होते ही कीमतों में तेजी आ सकती है।
मुंडेरा के धनंजय सिंह ने बताया कि नवंबर माह में उनके परिवार में शादी है। अगर कीमत और कम होती है तो वह हल्के वजन की ज्वैलरी खरीदेंगे। इसी तरह सिविल लाइंस की पुष्पांजलि ने अपनी भांजी की शादी के लिए शनिवार को अंगूठी खरीदी।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। निवेशकों को लग रहा है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ा सकता है। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं तो निवेशकों का रुझान बांड और अन्य ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों की तरफ बढ़ता है। सोना कोई ब्याज नहीं देता, इसलिए उसकी मांग कमजोर पड़ने लगी है। यही वजह से उसकी कीमत कम हुई। - डा. पवन जायसवाल, वरिष्ठ कर एवं वित्त सलाहकार।
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज हो रही है। इससे संगम नगरी के सराफा बाजारों में ग्राहकों की कुछ चहल-पहल और रौनक लौट आई है। - संजय वर्मा, अध्यक्ष प्रयाग सराफा मंडल।