शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन घरों और मंदिरो में भक्तों ने विधि विधान से पूजन किया। नवरात्र के दूसरे दिन देवी का ब्रह्मचारिणी के स्वरूप में पूजा अराधना की गई। शहर के शक्तिपीठ कल्याणी देवी, ललिता देवी और अलोपशंकरी देवी समेत खेमामाई मंदिरों में भक्तों का दूसरे दिन भी तांता लगा रहा। फल, फूल, नैवेद्य देवी को अर्पित किया गया। भोर से ही मंदिरों में भक्तों की लंबी कतार लगी रही। घरों में कलश पूजन किया गया। पंडालों में भक्तों की भीड़ बढ़ने लगी है।
सिद्धपीठ ललिता देवी मंदिर में भगवती का फूलों और आभूषणों से शृंगार किया गया। परिसर में दुर्गा सहस्त्रनाम पाठ सहित महिलाओं की टोली ने देवी गीत गाए। जयकारों के बीच दर्शन का क्रम देर रात तक जारी रहा। मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा की देखरेख में भोर में मंगला आरती के बाद से ही दर्शन-पूजन का क्रम शुरू हो गया था।
सिद्धपीठ कल्याणी देवी मंदिर में नवरात्र महोत्सव चल रहा है। देवी की स्वर्ण-चांदी के आभूषण व बेला-गुलाब के पुष्पों से श्रृंगार किया गया है। सिद्धपीठ अलोपशंकरी मंदिर में देवी के पालने को झुलाने, दर्शन करने को श्रद्धालुओं की भीड़ रही। यहां बड़ी संख्या में लोग निशान चढ़ाने को भी पहुंचे।