मंसूरअली पार्क में हो रहे आंदोलन के इतर कांग्रेसी नेता हसीब अहमद ने सीएए और एनआरसी का विरोध अलग तरीके से किया। वह करेली कब्रिस्तान पहुंचें और अपने पुरखों से भारतीय होने का सबूत मांगा। हसीब कब्र पर रोने लगे और कहा कि हमारे पास दस्तावेज नहीं है। हम भारत में पीढ़ियों से रह रहे हैं। हसीब ने कहा कि पुरखे इस बात का प्रमाण दें कि हम इसी देश के नागरिक हैं। उन्होंने सरकार से इस बात की भी मांग की है कि अगर उन्हें डिटेंशन कैंप में भेजा जाए तो उनके पुरखों के अवशेष भी वहां रखे जाएं।