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गोसेवा आयोग की टीम को नहीं मिले बिजली गिरने के निशान

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प्रयारागज में बहादुरपुर ब्लाक के कांदी गांव में गोवंशों के मौत के मामले ग्रामीणों से पूछताछ करत? - फोटो : SIRSA
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शोल्डर--- 35 गोवंशीय पशुओं की मौत के बाद उपाध्यक्ष और सदस्य ने कांदी गांव स्थित गोशाला का किया निरीक्षण
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गोसेवा आयोग की टीम को नहीं मिले बिजली गिरने के निशान
0 कई ग्रामीणों ने बिजली गिरने के तर्क को नकारा, सदस्यों को भी प्रशासन की रिपोर्ट पर संदेह
0 सदस्यों ने मानी गोशाला में रही भारी अनियमिता, स्थान को लेकर भी जताई आपत्ति
0 कहा, हर पहलू को ध्यान में रखकर कराई जा रही जांच, नहीं बख्शे जाएंगे दोषी
0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में है पूरा मामला, उन्हें भेजी जाएगी रिपोर्र्ट
प्रयागराज। गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष और सदस्य को बहादुरपुर के कांदी गांव स्थित गोशाला में बड़े स्तर पर खामी नजर आई। अफसरों ने लगातार कैंप करके कांदी के अलावा अन्य गांवों की गोशालाओं में व्यवस्था दुरुस्त कराने की कोशिश की लेकिन आयोग की टीम की नजर से अव्यवस्था छिपा नहीं पाए। कई ग्रामीणों ने सदस्यों के सामने बयान दिया कि वहां कोई बिजली नहीं गिरी है। वहीं सदस्यों को भी कांदी स्थित गोशाला के पास बिजली गिरने का कोई निशान नहीं मिला। सदस्यों ने बिजली गिरने से गोवंशीय पशुओं की मौत की प्रशासनिक रिपोर्ट पर संदेश जताया। साथ में तालाबनुमा गढ्ढे में गोशाला बनाए जाने पर भी गंभीर आपत्ति जताई। आयोग की ओर से हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच का आदेश दिया गया है। गोशाला में भारी अव्यवस्था तथा पूरे मामले में अफसरों की भूमिका पर संदेह जताते हुए सदस्यों ने कहा,पूरा मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में है और उन्हें भी रिपोर्ट भेजी जाएगी। कोई भी दोषी बचेगा नहीं, उनके खिलाफ एफआईआर लिखाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कांदी गांव स्थित गोशाला में बुधवार की रात में 35 गोवंशीय जानवरों की मौत हो गई थी। प्रशासन का दावा है कि उनकी मौत बिजली गिरने से हुई है। जबकि, ग्रामीणों का कहना है कि उस दिन बिजली गिरी ही नहीं। पशुओं की मौत गोशाला में भरे पानी तथा दलदल में फंसने से हुई। मांमले की गंभीरता को देखते हुए गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष जसवंत सिंह उर्फ अतुल सिंह एवं सदस्य कृष्ण कुमार सिंह उर्फ भोले ने शनिवार को कांदी गांव का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गोशाला की भौगोलिक स्थिति को देखा। साथ में ग्रामीणों से बात की। बिजली गिरने के प्रशासनिक दावे को पर उनकी विशेष नजर रही। निरीक्षण के बाद प्रेसवार्ता में उपाध्यक्ष और सदस्य ने कहा कि गोशाला के लिए स्थान चयन समेत कई स्तर पर अनियमितता दिखी। उपाध्यक्ष और सदस्य का कहना था कि बिजली गिरने का क्या असर होता है और कितने क्षेत्र में प्रभाव पउ़ता है इसकी जानकारी उन्हें है। उन्होंने बताया कि बिजली गिरने को लेकर ग्रामीणों ने दोनों तरह के बयान दिए। वहींप्रशासन की प्रारंभिक रिपोर्ट है कि पशुओं की मौत बिजली गिरने से हुई है। प्रशासनिक अफसरों के अनुसार बिजली पानी में गिरी इसलिए उसका कोई निशान नहीं दिख रहा। सच क्या है इसकी जांच कराई जा रही है। सदस्यों का यह भी कहना था कि गोशाला निचले स्थान पर बनाई गई है। ऐसे में वहां पानी भरना स्वाभाविक है। यह घोर अनियमितता है। किन परिस्थितियों में इस स्थान का चयन किया गया इसकी भी जांच की जाएगी। सदस्यों का कहना था कि कमेटी को एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। उसका इंतजार है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान एडीएम प्रशासन, एसीडम, बीडीओ, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी समेत अनेक अफसर मौजूद रहे।
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जरूरत पड़ी तो पशुओं का होगा दोबारा पोस्टमार्टम
0 कांदी गांव स्थित गोशाला में मृत पाए गए पशुओं का दोबारा पोस्टमार्टम कराया जा सकता है। पशुपालन विभाग की ओर से सभी मृत 35 जानवरों का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट के अनुसार सभी की मौत बिजली गिरने से हुई है। इसके विपरीत ग्रामीणों का कहना है कि बिजली गिरी ही नहीं। गोसेवा आयोग के सदस्यों को भी बिजली गिरने का कोई निशान नहीं मिला। इस पर जांच के लिए आए आयोग के उपाध्यक्ष और सदस्या का कहना है कि जरूरत पड़ी तो पशुओं का फिर से पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
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एडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित
0 गोसेवा आयोग ने एक सप्ताह में मांगा जवाब, खुद की रिपोर्ट भी तैयार करेंगे सदस्य
प्रयागराज। बहादुरपुर के कांदी गांव स्थित गोशाला में 35 पशुओं की मौत के मामले में तीन स्तर पर जांच शुरू हो गई है। शनिवार को गोशाला का निरीक्षण करने वाले गोसेवा आयोग के उपध्यक्ष और सदस्य की ओर से रिपोर्ट तैयार की जाएगी। आयोग ने मामले की जांच के लिए एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी भी गठित की है। कमेटी को एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपनी है। इसके अलावा डीएम के स्तर पर भी एडीएम की अध्यक्षता में दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। तीनों जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आयोग के उपाध्यक्ष जसवंत सिंह ने बताया गोशाला का निरीक्षण किया गया है। उसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। एडीएम प्रशासन विजय शंकर दुबे को भी सात दिनों में रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की प्रांरभिक रिपोर्ट मिली है। इसके अलावा डीएम की ओर से दो सदस्यीय कमेटी भी गठित की गई है। वह रिपोर्ट भी मंगाई जाएगी। तीनों रिपोर्ट को देखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भी भेजी जाएगी। उधर, एडीएम प्रशासन विजय शंकर दुबे का कहना है कि आयोग के निर्देश पर जल्द ही दो अन्य सदस्यों का चयन कर जांच की जाएगी। तय समय में जांच पूरी की जाएगी। डीएम की जांच कमेटी में शामिल फूलपुर के एसडीएम विवेक चतुर्वेदी का कहना है कि जल्द जांच की जाएगी। गायों की मौत पर उन्होंने फिलहाल कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
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तालाब में बना दी गोशाला!
0 कांदी गांव में तालाब की जमीन पर गोशाला बनाने की बात कही जा रही है। इसकी शिकायत मिलने के बाद गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष ने फूलपुर के एसडीएम से इस बाबत रिपोर्ट मांगी है। उपाध्यक्ष का कहना है कि गोशाला स्थल का मानक निर्धारित है। यदि तालाब की जमीन पर गोशाला बनी है तो यह बड़ी अनियमितता है। इसके लिए जिम्मेदार अफसर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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दो स्तर पर अलग-अलग जांच, अफसर एक, उठे सवाल
प्रयागराज। कांदी गांव स्थित गोशाला में पशुओं की जांच के लिए गठित समितियों को लेकर भी सवाल उठने लगा है। गोसेवा आयोग की ओर से एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इसमें फूलपुर के एसडीएम को भी बतौर सदस्य शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि डीएम की ओर से भी एडीएम प्रशासन और एसडीएम फूलपुर की दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। प्रशासन ने प्रारंभिक रिपोर्ट में पशुओं की बिजली गिरने से मौत होने की बात कहकर स्पष्ट कर दिया है कि उसकी जांच किस दिशा में जा रही है। इसके अलावा पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका भी सवालों में घिरी है। ऐसे में आयोग की ओर से भी एडीएम प्रशासन को जांच दिए जाने से सवाल खड़ा हो गया है। आयोग के सदस्यों के सामने भी यह सवाल उठा लेकिन उन्हाेंने इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
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बैठकों में सुधार की दी हिदायत
0 पशुओं की मौत की जांच के लिए आए गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष और सदस्य ने सर्किट हाउस में अफसरों संग दो चरणों में बैठक की। कांदी गांव जाने से पहले हुई बैठक में उन्होंने घटना की बाबत जानकारी ली। निरीक्षण के बाद उन्होंने फिर बैठक की। उन्होंने अफसरों को हिदायत दी कि गोशालाओं के निर्माण और पशुओं के रखरखाव में किसी तरह की लापरवाही न होने पाए। लावारिश गोवंशीय जानवरों को पकड़कर गोशाला में रखा जाए। उन्होंने गोतस्करी रोकने के लिए जिले की सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने का भी निर्देश दिया। उपाध्यक्ष ने पशुओं की सुरक्षा को लेकर अन्य बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की तथा जरूरी निर्देश दिए। बैठक में गोवंशीय पशुओं की सुरक्षा के लिए बनी कमेटी के सदस्य तथा अन्य संबंधित विभाग के अफसर मौजूद रहे।
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सीडीओ लखनऊ में, चर्चाओं का बाजार गर्म
0 सीडीओ शनिवार को लखनऊ चले गए। कांदी गांव स्थित गोशाला में 35 गायों की मौत को लेकर मचे हड़कंप के बीच सीडीओ के लखनऊ जाने पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। चूंकि गोवंशीय पशुओं की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काफी गंभीर है। ऐसे में इस घटना को लेकर उन्हें लखनऊ तलब किए जाने की बात भी कही जा रही है। हालांकि, अफसर इस बारे में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। वहीं सीडीओ का मोबाइल नहीं उठा।
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