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फैब्रिक्स में संस्कृति की झलक

Fri, 09 Jan 2015 01:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
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इलाहाबाद। बिहार की मशहूर मधुबनी और वरली पेंटिंग्स तो आपने घरों के इंटीरियर को खास लुक देने के लिए जरूर सजाई होंगी। मगर क्या इसे कभी दुपट्टे, साड़ियों और सूट जैसे ड्रेस मैटेरियल्स के जरिए इस प्रिंट को पहनने का मौका मिला है। या फिर गुजरात के आरी वर्क, छत्तीसगढ़ का एप्लीक वर्क और कश्मीर के कानी, निडल, हुक वर्क के बारे में भी अपने काफी कुछ सुना होगा। यह सब कुछ एक ही जगह देखने और समझने का मौका मिल रहा है। केपी ग्राउंड में लगे क्राफ्ट बाजार में विभिन्न प्रांतों के संस्कृति की झलक फैब्रिक्स पर बखूबी देखने को मिल रही है। जो शहरियों को काफी पसंद आ रही है।
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बिहार से आए इकरार ने बताया कि वो सूट, साड़ियां और दुपट्टे लेकर आए हैं, उसमें मधुबनी, वरली प्रिंट सबसे ज्यादा है। जो महिलाओं और युवतियों को काफी पसंद आ रही हैं। गुजरात से आए रोहित ने बताया गुजरात का आरी वर्क, काथा वर्क और पैच वर्क काफी लोकप्रिय है। अपनी प्रांत की संस्कृति को लोगों तक पहुंचाने के लिए सभी वर्क को वो बेडशीट, कुशन कवर, दिवान सेट और सोफा कवर आदि पर लेकर आए हैं। कश्मीर से आए रफीक ने बताया कि कश्मीर के शाल और ऊनी सूट प्रसिद्ध है। ज्यादातर लोगों को लगता है कि यह मशीन से किया जाता है, जबकि शॉल, सूट और स्टोल पर किया जाने वाला महीन वर्क हाथ से किया जाता है। जिसमें कानी वर्क, निडल वर्क, हुक वर्क और पश्मीना पर किया जाने वाला कानी जामी वर्क सबसे खास है।
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