इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि एफआईआर दर्ज न करने का कारण एसएचओ औद्योगिक क्षेत्र नैनी बताएं या अगली तिथि दो सितंबर को कोर्ट में हाजिर हों। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ तथा न्यायमूर्ति संतोष राय की खंडपीठ ने बृजेश कुमार यादव और एक अन्य की याचिका पर दिया है।
याची का कहना है कि नैनी स्थित कालोनी में उसे मकान आवंटित हुआ है लेकिन पड़ोसी ने सड़क पर अतिक्रमण कर लिया है। इससे मकान के सामने पानी भरा रहता है। आठ जुलाई 2025 को आपत्ति की तो मारपीट की गई। शिकायत के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। एसीपी से शिकायत की तो नाराज थाना पुलिस ने बदसलूकी कर उन्हें ही बंद कर मारा-पीटा। बाद में एफआईआर दर्ज की पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर यह याचिका दायर की गई है। दोनों पक्ष अधिवक्ता हैं। याचिका की अगली सुनवाई दो सितंबर को होगी।