सुबह चार बजे थाने की फोर्स पहुंची और दुकानदारों को भगाना शुरू कर दिया। अंशू सिपाही ने फोन किया और गेट पर ताला लगाने को कहा। सिपाही के दबाव बनाने पर ही उनके घर के सलमान ने अंदर मजार गेट पर ताला लगा दिया। जबकि हमने बताया कि सीओ, एसओ ने ताला लगाने की बात नहीं कही है लेकिन उसने कोई बात नहीं सुनी।
हालांकि शाम हाेते-होते अध्यक्ष का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह अपने बयान से पलट गए। इसमें वह यह कहते दिखाई दिए कि दरगाह के अंदर गाजी मियां की मजार के गेट पर मरम्मत कार्य के चलते उन्होंने खुद ताला लगाया। बाकी मजार पर लोग आ जा रहे हैं और कोई दिक्कत परेशानी नहीं है।
ताला कमेटी वालों ने लगवाया है और पुलिस का इससे कोई लेना-देना नहीं है। जहां तक मेले की बात है तो वह मई में होना है और इसके लिए जब अनुमति मांगी जाएगी, तब कोई बात की जाएगी। साप्ताहिक मेले के संंबंध में भी कोई बात नहीं हुई है। - कुलदीप सिंह गुनावत, डीसीपी
एसओ का ऑडियो वायरल, बोले-इतिहास पढ़ें, आक्रांताओं की नहीं होती पूजाउधर रौजा मेले को लेकर विवाद के दौरान ही बहरिया थानाध्यक्ष महेश मिश्रा का 57 सेकेंड का एक वायरल ऑडियो भी चर्चा में रहा। इसमें किसी से बात करते हुए वह यह कहते सुनाई पड़ते हैं कि सिकंदरा रौजा का मेला अब नहीं लगेगा और न ही अब यहां कोई दर्शन करेगा। हिंदुओं को दर्शन करना हो, वो पड़िला महादेव, हनुमान जी, दुर्गाजी, शंकर जी का दर्शन करें और जो मुसलमान हों, वह अपनी मस्जिदों में जाकर नमाज अता करें। लोगों को बताइए कि वह इतिहास पढ़ें, आक्रांताओं की कोई पूजा नहीं होती।