सुबह पांच मंत्रोच्चारण के साथ सिर पर चढ़ता है मुकुट
रुद्राक्ष वाले बाबा बताते हैं कि सुबह पांच बजे स्नान के बाद मंत्रोच्चारण के साथ उनका मुकुट सिर पर चढ़ता है। उसके बाद 12 घंटे की तपस्या पूरी होने के बाद शाम पांच बजे मंत्रोच्चारण के साथ मुकुट उतरता है। बाबा कहते महाकुंभ के बाद आने वाले अर्द्ध कुंभ में उनका संकल्प पूरा हो जाएगा। उसके बाद वह अपने रुद्राक्ष मुकुट को त्रिवेणी संगम में प्रवाहित कर देंगे। उसके बाद उनका संकल्प पूर्ण हो जाएगा।