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Mahakumbh: 45 किलो रुद्राक्ष की मालाओं का मुकुट पहन 12 घंटे तपस्या कर रहे गीतानंद गिरि; 12 साल का है संकल्प

Fri, 03 Jan 2025 11:05 AM IST
विनोद सिंह सत्येंद्र पटेल, संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज

सार

पंजाब के कोट का पुरा से गीतानंद गिरि श्री शंभू पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा के नागा संन्यासी हैं। वह बताते हैं कि ढाई साल की उम्र में ही उन्होंने घर छोड़ दिया था। उसके बाद से वह जप-तप कर रहे हैं। संन्यासी बनने के बाद उन्होंने संस्कृत विद्यालय से 10 वीं तक की पढ़ाई की।
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सवा लाख रुद्राक्ष वाले बाबा गीतानंद गिरि। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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महाकुंभ से पहले संगम की रेती पर साधु-संतों की विहंगम रूप देखने को मिल रहा है। इसी तरह सवा लाख रुद्राक्ष वाले बाबा के नाम से मशहूर गीतानंद गिरि महाराज अपने सिर पर 45 किलो रुद्राक्ष की मालाओं का मुकुट धारण कर हर दिन 12 घंटे तपस्या कर रहे हैं। उन्होंने सवा लाख रुद्राक्ष की माला धारण करने का संकल्प लिया था। बाबा ने दावा किया कि मौजूदा समय में उनके सिर पर सवा दो लाख रुद्राक्ष हो गया है।

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पंजाब के कोट का पुरा से गीतानंद गिरि श्री शंभू पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा के नागा संन्यासी हैं। वह बताते हैं कि ढाई साल की उम्र में ही वह घर छोड़ दिए थे। उसके बाद से वह जप-तप कर रहे हैं। वह संन्यासी बनने के बाद संस्कृत विद्यालय से 10 वीं तक की पढ़ाई की। गीतानंद गिरि महाराज ने बताया कि अर्द्ध कुंभ 2019 में वह संगम त्रिवेणी को साक्षी मानकर 12 साल के लिए सिर पर सवा लाख रुद्राक्ष धारण करने का संकल्प लिया था।

उनकी तपस्या के छह साल बीत चुके हैं। उनकी सिर पर रुद्राक्ष की मालाएं देखकर अब लोग भी उन्हें रुद्राक्ष की ही मालाएं भेंट करने लगे है। बाबा का दावा है कि लोगों के चढ़ावे की वजह से वर्तमान समय उनके सिर पर करीब सवा दो लाख रुद्राक्ष की मालाएं हो गईं हैं, जिसका भार करीब 45 किलो हो गया है।

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सुबह पांच मंत्रोच्चारण के साथ सिर पर चढ़ता है मुकुट

रुद्राक्ष वाले बाबा बताते हैं कि सुबह पांच बजे स्नान के बाद मंत्रोच्चारण के साथ उनका मुकुट सिर पर चढ़ता है। उसके बाद 12 घंटे की तपस्या पूरी होने के बाद शाम पांच बजे मंत्रोच्चारण के साथ मुकुट उतरता है। बाबा कहते महाकुंभ के बाद आने वाले अर्द्ध कुंभ में उनका संकल्प पूरा हो जाएगा। उसके बाद वह अपने रुद्राक्ष मुकुट को त्रिवेणी संगम में प्रवाहित कर देंगे। उसके बाद उनका संकल्प पूर्ण हो जाएगा।

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