रसोई गैस की आपूर्ति अभी तक पूरी तरह पटरी पर नहीं लौटी है। लगातार पांचवे दिन सोमवार को झूंसी की गैस एजेंसी और गोदाम पर उपभोक्ताओं की भीड़ रही। घंटों लंबी लाइन में लगने के बाद ही लोगों को गैस सिलिंडर मिल पाया।
गंगापार के आवासीय काॅलोनियों के अलावा सुदूर गांव से आकर महिलाएं भी खाली सिलिंडर के साथ एजेंसियों के बाहर लाइन में लग रही हैं। झूंसी के इंडेन गैस एजेंसी से गंगापार के 40 हजार उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। सोमवार को झूंसी के एजेंसियों में पहले टोकन मिला और बाद में गोदाम में लाइन में लगकर सिलिंडर मिल सका।
ज्यादा समस्या उन उपभोक्ताओं को हो रही हैं जिनके गैस सिलिंडर के पासबुक गायब हो चुके हैं। उन्हें अपना कनेक्शन नंबर पता करने के लिए एजेंसियों का चक्कर काटना पड़ रहा है। रसोई गैस के लिए लगी भीड़ के आगे उनकी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है।
झूंसी निवासी अमरेंद्र कुमार ने बताया कि इंडेन गैस कंपनी का उनके घर में दो कनेक्शन हैं। तीन-चार साल से बिना बुकिंग किए ही हॉकर घर गैस पहुंचा देते थे। आसानी से गैस मिलने के कारण पासबुक की कभी जरूरत ही नहीं पड़ी। अब बिना बुकिंग के गैस नहीं मिल रहा है। पासबुक भी घर में तलाशने पर नहीं मिल पाया है। सप्ताह भर से एजेंसी का चक्कर काट रहे हैं लेकिन कनेक्शन नंबर बताने वाला कोई नहीं है।
झूंसी के छतनाग निवासी अमित कुमार सिंह ने बताया कि कुछ उपभोक्ता ऐसे भी हैं जिन्होंने अपने कनेक्शन नंबर से मोबाइल फोन नंबर कनेक्ट नहीं कराया है। उनकी ऑनलाइन बुकिंग ही नहीं हो पा रही है। एजेंसी पर बिना ऑनलाइन बुकिंग करने वालों को खाली हाथ लौटा दिया जा रहा है।