मानसून की दस्तक से पहले नालों में कूड़ों का अंबार लगा है। नगर पंचायत की अधूरी तैयारी से लोगों के घरों में जलभराव की आशंका है। कस्बे के 45 से अधिक नालों में से अधिकांश की सफाई अब तक नहीं कराई जा सकी है।
कस्बे के नालों में गाद, कूड़ा-कचरा और झाड़ियां जमा हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात में जल निकासी की समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है। हालत इतने खराब हो जाते हैं कि बारिश का पानी सड़कों पर भर जाता है।
नगर पंचायत के अभिलेखों के अनुसार फूलपुर में 45 से अधिक नाले हैं। हालांकि, लोचनगंज के बड़े नाले की सफाई का टेंडर हो चुका है और काम प्रगति पर है। सबसे बड़ा नाला पंडित दीनदयाल सरोवर से मुसहर बस्ती पुलिया तक और महारथ गंजिया क्षेत्र में स्थित है। इनमें से अधिकांश की सफाई का कार्य अधूरा है।
कस्बे के मनोज मिश्रा, विशाल कुमार, मो. अकरम का कहना है कि अभी बारिश शुरू नहीं हुई है, इसलिए समस्या सामने नहीं आई है। यदि समय रहते नालों की सफाई पूरी नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
फूलपुर में जलभराव की समस्या हर साल होती है। इसकी शिकायत भी की जाती है, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं देते। इस बार भी बारिश से पहले नालों एवं नालियों की सफाई नहीं कराई गई है, जिससे लोगों को एक बार फिर समस्या से जूझना पड़ेगा। - अनुपम कृष्ण द्विवेदी, पूर्व सभासद, लोचनगंज
पिछले वर्ष नालों की सफाई नहीं होने के कारण जलभराव इस कदर हुआ था कि कस्बे से सटे बाबूपुर गांव तक प्रभावित हो गया था। लगता है कि इस बार भी ग्रामीणों को वही परेशानी झेलनी पड़ेगी।- पिंटू यादव, ग्रामीण, बाबूपुर
मोहल्ले में नालियों की नियमित सफाई और जल निकासी का उचित प्रबंध नहीं होने से हर बरसात में जलभराव हो जाता है। इस बार भी नगर पंचायत अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ सकता है। - खुशबू सोनार, अंसार नगर, फूलपुर।
नालों की सफाई का टेंडर हो चुका है। सफाई कार्य प्रगति पर है। मानसून से पहले सभी प्रमुख नालों की सफाई कराने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ ध्वस्त पड़ी नालियों की मरम्मत के लिए डीपीआर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कराया जाएगा। - प्रवीण प्रकाश, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत फूलपुर।