शहर की रगों में नशा घोलने की एक और साजिश का भंडाफोड़ रविवार को हुआ। एसटीएफ ने सोनभद्र में 1.5 करोड़ का गांजा पकड़ा। भले ही कार्रवाई यहां न हुई हो, लेकिन जो खेप पकड़ी गई, उसकी सप्लाई प्रयागराज में होनी थी। पिछले चार दिनों के भीतर चार करोड़ का गांजा पकड़े जाने के बाद अब यह भी माना जा रहा है कि प्रयागराज अंतरराज्यीय स्तर पर होने वाली गांजा तस्करी के काले कारोबार का हब बन चुका है।
एक अगस्त को घूरपुर के जसरा सब्जी मंडी में एक करोड़ का गांजा बरामद हुआ। एक दिन पहले नैनी में 1.5 करोड़ का गांजा बरामद करते हुए चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया। सोनभद्र में रविवार को 1.5 करोड़ के गांजा के साथ दो लोगों को पकड़ा गया। इससे पहले अप्रैल में फूलपुर में 1.5 करोड़ का गांजा बरामद कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले भी लगातार यमुनानगर में गांंजे की खेप पकड़ी जाती रही है।
ओडिशा से डिलीवरी, अलग-अलग जिलों में सप्लाई
सूत्रों का कहना है कि जनपद में गांजे की तस्करी के तार ओडिशा से जुड़े हुए हैं। गांजे की खेप की डिलीवरी ओडिशा से ही होती है। ओडिशा से गांजा प्रयागराज लाया जाता है और फिर यहां से इसे अलग-अलग जनपदों में सप्लाई किया जाता है। इसी साल जनवरी में सोनभद्र के राबर्ट्सगंज में ढाई क्विंटल गांजा के साथ पकड़े गए सुजीत कुमार ने खुलासा किया था कि प्रयागराज में करछना का एक व्यक्ति गांजा डिलीवरी का ऑर्डर लेता है। फिर ओडीशा से मंगवाकर बताए गए स्थान पर गांजे की खेप सप्लाई करवाता है।
कई जनपदाें के लोग शामिल
तस्करी के इस कारोबार में न सिर्फ प्रयागराज, बल्कि आसपास के कई जनपदों के लोग शामिल हैं। पूर्व में ऐसे कई लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। इनमें भदोही, मिर्जापुर आदि भी शामिल हैं। ओडीशा से प्रयागराज लाए जाने के बाद यहां से सप्लाई किए जाने पर जनपद के बॉर्डर से अगले जिले तक गांजे की खेप पार कराने की जिम्मेदारी इन्हीं पर होती है।
मादक पदार्थों की तस्करी में पूर्व में जो लोग गिरफ्तार हुए हैं उनकी सूची बनवाई जा रही है। ऐसे लोगों की गतिविधियों पर सक्रिय नजर रखी जाएगी। जरूरत पड़ी तो गैंगस्टर की कार्रवाई भी की जाएगी। सभी थाना प्रभारियों को इसके लिए निर्देशित भी किया गया है।
विवेक चंद्र यादव, डीसीपी यमुनानगर