भारतीय निशानेबाज स्वप्निल कुसाले के कांस्य पदक में संगमनगरी की भी मेहनत है। दिल्ली के डॉ.कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में वर्ष 2014-2016 के बीच फरीद सिद्दीकी ने उन्हें निशानेबाजी का प्रशिक्षण दिया था। उस समय फरीद सिद्दीकी समेत पांच कोच भारत के 80 निशानेबाजों को प्रशिक्षण दे रहे थे। मूलत: फतेहपुर के रहने वाले फरीद सिद्दीकी प्रयागराज के बालसन चौराहे के पास स्थित ईगल आई शूटिंग स्पोर्ट्स अकादमी में 100 बच्चों को शूटिंग की बारीकियां सिखा रहे हैं।
स्वप्निल के बृहस्पतिवार को पेरिस ओलंपिक में पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3पी स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर उनके पूर्व कोच फरीद सिद्दीकी खुशी से झूम उठे। उन्होंने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि स्वप्निल आगे और पदक अपने खाते में डालेंगे। उन्होंने कहा कि स्वप्निल बहुत मेहनती हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हमारे पहुंचने से पहले ही अकादमी में वह अपनी पोजिशन के साथ मिलते थे। स्वप्निल समय के पाबंद थे। लंच ब्रेक के बाद जो आराम का समय मिलता था, उसमें भी वह अभ्यास के लिए पहुंच जाते थे। फरीद सिद्दीकी प्रयागराज में तीन आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं।