विकास के नाम पर गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के संगम की मर्यादा भंग करने का विरोध गंगा महासभा करेगी। गंगा किनारे झूंसी की तरफ से प्रस्तावित पुल निर्माण रोकने के लिए जन आंदोलन के साथ न्यायालय में भी जनहित याचिका दायर की जाएगी। यह बातें मंगलवार को संवाददाताओं से बातचीत करते हुए गंगा महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कही।
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने गंगा के पांच सौ मीटर के दायरे में किसी भी स्थायी निर्माण को प्रतिबंधित कर दिया है, इसके बावजूद राज्य सरकार पुल निर्माण करने जा रही है। इसका पुरजोर विरोध करने की तैयारी गंगा महासभा कर रही है। वार्ता के दौरान गंगा प्रदूषण जनहित याचिका के अधिवक्ता विजय चंद्र श्रीवास्तव, सुनीता शर्मा, कमलेश सिंह, हाजी निजामउद्दीन एवं देवेंद्र तिवारी मौजूद रहे।