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माघ मेला प्रयागराज : गंगा के जलस्तर ने तैयारियों को लेकर उड़ाई नींद, समीक्षा बैठक में तैयार की रणनीति

Tue, 04 Oct 2022 12:50 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

प्रयागराज मेला प्राधिकरण के सभागार में प्रभारी मेलाधिकारी अरविंद चौहान ने विभागवार तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने सिंचाई बाढ़ खंड के एक्सईएन बृजेश सिंह के जलस्तर के बारे में पूछा।
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गंगा-यमुना के जलस्तर में वृद्धि। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गंगा के जलस्तर में सामान्य दिनों की तुलना में तेजी माघ मेला-2023 की तैयारियों पर असर डाल सकती है। इससे जहां भूमि के सर्वे में दिक्कतें आएंगी, वहीं मेले की बसाहट का खाका खींचना भी आसान नहीं होगा। इस बीच सोमवार को माघ मेला की तैयारियों की समीक्षा की गई। इसमें पांटून पुलों के निर्माण के साथ ही पेयजल, बिजली, सफाई के साथ ही टिन और टेंटेज के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश दिए गए।

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प्रयागराज मेला प्राधिकरण के सभागार में प्रभारी मेलाधिकारी अरविंद चौहान ने विभागवार तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने सिंचाई बाढ़ खंड के एक्सईएन बृजेश सिंह के जलस्तर के बारे में पूछा। साथ ही कहा कि गंगा में अचानक जलस्तर बढ़ने से जो स्थिति बीते वर्ष मेला के दौरान उत्पन्न हो गई थी, वैसी नौबत इस बार न आने पाए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी, सिंचाई के अलावा जल निगम और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।


कहा कि जिन विभागों ने अभी तक टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं की है, वह तत्काल आरंभ करा दें। इसके अलावा मेले की कार्ययोजना की टाइम लाइन बनाकर प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। स्वस्थ्य विभाग और नगर निगम के अफसरों को कहा गया कि वह मेले के दौरान समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए अभी से तैयारी कर लें। इसके लिए सफाई कर्मियों के लिए मेला प्राधिकरण से बजट की मांग कर ली जाए। ताकि पिछले वर्ष की तरह सफाई कर्मियों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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मेला क्षेत्र में आग की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अग्निशमन और बिजली विभाग के अधिकारियों की साझा टीम गठित करने पर जोर दिया गया। साथ ऐसी व्यवस्था समय रहते करने के निर्देश दिए, जिससे संतों-भक्तों और कल्पवासियों को किसी तरह की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

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