पिछले चार दिनों से लगातार बढ़ाव पर रही गंगा शनिवार की शाम स्थिर हो गई। जबकि यमुना के जलस्तर में दो सेंमी प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ाव जारी है। इस बीच नरोरा बांध से 93502 क्सूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंगा, यमुना के जल स्तर में अगले दो दिनों के भीतर प्रवाह बढ़ने का अनुमान है। हमीरपुर में यमुना और बेतवा तटबंधों से ऊपर बहने लगी हैं। कहा जा रहा है कि पहाड़ों पर बारिश हुई और नरोरा का पानी यहां पहुंचा तो अगले चार दिनों में प्रयाग की तटवर्ती बस्तियों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगेगा। बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
फाफामऊ में शनिवार की शाम गंगा का जलस्तर 78.001 मीटर पर पहुंच गया, वहीं छतनाग में 76. 920 मीटर रिकार्ड किया गया। इसी के साथ गंगा स्थिर हो गई है। जबकि यमुना 77. 790 मीटर के बढ़ाव पर बह रही है। बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार यमुना में दो सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ाव जारी है। हरिद्वार और नरोरा से बड़ी मात्रा में जलराशि छोड़ी गई है। इससे निचले स्तरों में अगले चार दिनों में बाढ़ की आशंका जताई जाने लगी है। जल स्तर बढ़ा तो यमुना के तटीय ककराघाट, करेलाबाग, सदियाबाद, बख्शीमोढ़ा, गऊघाट के अलावा गंगा के तटीय सलोरी, बाघाड़ा, चांदपुर, राजपुर, बेली कछार, ऊंचागढ़, ओमनगर, नेवादा, गंगापुर, बलुआ घाट, नाग वासुकि, दारागंज, अल्लापुर के निचले स्तरों में सबसे पहले पानी घुसेगा।
इलाहाबाद। संगम नोज, महावीर मार्ग समेत कई इलाकों में गंगा का प्रवाह बढ़ने से कुंभ मेला से जुड़े इंतजामों को समेटा जाने लगा है। शनिवार को लोक निर्माण विभाग ने मौजगिरि आश्रम और संगम नोज से 890 चकर्ड प्लेटें हटवाईं। संगम क्षेत्र में बढ़ते जल प्रवाह को लेकर लगातार सतर्क नजर रखी जा रही है।
78.080 मीटर पर पहुंचीं गंगा
77.790 मीटर के जलस्तर पर यमुना
02 सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से यमुना में बढ़ाव