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Ganga Gurukulam School : योग-ध्यान और सकारात्मक सोच से मिलती है तनाव मुक्ति, शिक्षकों को विशेषज्ञ ने दिए टिप्स

Thu, 07 Aug 2025 05:34 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Ganga Gurukulam School : पॉज एंड ब्रीद: स्ट्रेस रिलीफ़ फ़ॉर एजुकेटर्स विषय पर आयोजित इस सत्र का संचालन विद्यालय की काउंसलर श्रुति विग ने किया। देश के ख्यातिप्राप्त शिक्षा विशेषज्ञ, मोटिवेशनल स्पीकर सौरभ बेनीवाल ने शिक्षकों को जीवन कौशल और तनाव मुक्ति के व्यावहारिक उपायों से परिचित कराया।
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गंगा गुरुकुलम स्कूल में आयोजित तनाव मुक्त कार्यशाला में मौजूद शिक्षक। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर गंगागुरुकुलम में शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर तनाव प्रबंधन के उद्देश्य से एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। पॉज एंड ब्रीद: स्ट्रेस रिलीफ़ फ़ॉर एजुकेटर्स विषय पर आयोजित इस सत्र का संचालन विद्यालय की काउंसलर श्रुति विग ने किया। देश के ख्यातिप्राप्त शिक्षा विशेषज्ञ, मोटिवेशनल स्पीकर सौरभ बेनीवाल ने शिक्षकों को जीवन कौशल और तनाव मुक्ति के व्यावहारिक उपायों से परिचित कराया।

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कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। श्रुति विग दने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। विद्यालय की प्रधानाचार्या माधुरी श्रीवास्तव ने स्मृति चिह्न भेंट कर उनका आभार प्रकट किया। कार्यशाला में बेनीवाल ने “असफलता का भय”, “अत्यधिक सोच (ओवरथिंकिंग)”, “तुलना की प्रवृत्ति”, और “कम्फर्ट ज़ोन” जैसे मानसिक तनाव के प्रमुख कारणों पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने शिक्षकों को बताया कि तनाव केवल कार्यभार से नहीं, बल्कि हमारी सोच की दिशा और धारणा से उपजता है। माइंडफुलनेस, योग, ध्यान, आत्मनिरीक्षण और सकारात्मक सोच के अभ्यासों को अपनाने का सुझाव देते हुए उन्होंने एक ध्यान अभ्यास भी कराया जिससे उपस्थित शिक्षकगण मानसिक ताजगी और शांति का अनुभव कर सकें।
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बेनीवाल ने ईश्वर की सत्ता पर भी अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “ईश्वर हम सबके भीतर है, वह हमें देख रहा है और किसी-न-किसी रूप में। कभी पिता के रूप में, कभी शिक्षक के रूप में, कभी माता के रूप में। हमें सहयोग, संबल और दिशा देता है। कार्यशाला ने शिक्षकों को यह सिखाया कि स्वयं से जुड़कर, अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाकर वे न केवल अपने तनाव को नियंत्रित कर सकते हैं, बल्कि छात्रों के लिए एक प्रेरक आदर्श भी बन सकते हैं। धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय की काउंसलर समृद्धि ने किया। 

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