उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजना गंगा एक्सप्रेसवे न केवल दूरी कम करने वाली है बल्कि यह संगमनगरी के आर्थिक और पर्यटन परिदृश्य को पूरी तरह बदलने की तैयारी में है। मेरठ से प्रयागराज तक यह सड़क विकास की नई इबारत लिखने को तैयार है जिससे उद्यमियों और पर्यटन विशेषज्ञों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। कारोबारियों का मानना है कि इस एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद माल ढुलाई की लागत में बड़ी कमी आएगी और समय की बचत प्रयागराज के बाजार को नई रफ्तार देगी।
संगमनगरी के उद्यमियों का कहना है कि वर्तमान में नोएडा और दिल्ली जैसे बड़े औद्योगिक केंद्रों से उत्पाद मंगवाने में ट्रांसपोर्ट के जरिये लगभग 24 घंटे का समय लग जाता है। मेरठ, जो खेल के सामानों का वैश्विक हब है, वहां से प्रयागराज तक माल पहुंचने में अभी लंबा समय लगता है। लेकिन गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद मेरठ से सामान महज एक दिन के भीतर प्रयागराज पहुंच सकेगा। इससे न केवल स्टॉक मैनेजमेंट आसान होगा, बल्कि लॉजिस्टिक्स पर होने वाला खर्च भी काफी कम हो जाएगा।
होटल कारोबारी योगेश गोयल का कहना है कि पर्यटन के लिहाज से भी यह एक्सप्रेसवे किसी वरदान से कम नहीं माना जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पर्यटकों के लिए प्रयागराज अब दूर नहीं रहेगा। कारोबारी रौनक गुप्ता के अनुसार सड़क मार्ग सुगम होने से वीकेंड टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय होटल, गाइड और हस्तशिल्प उद्योग को सीधा लाभ होगा। जब सफर का समय आधा रह जाएगा, तो पर्यटकों की संख्या में स्वतः ही इजाफा होगा, जिससे प्रयागराज के पर्यटन उद्योग को नई उड़ान मिलने की उम्मीद है।
सिविल लाइंस व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुशील खरबंदा ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा असर उत्पादों की कीमतों पर भी पड़ता है। माल ढुलाई आसान और सस्ती होने से स्थानीय उपभोक्ताओं को भी इसका लाभ मिलेगा। एक्सप्रेसवे के किनारे प्रस्तावित औद्योगिक गलियारों से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जो प्रयागराज को प्रदेश के एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित करेंगे। कुल मिलाकर, गंगा एक्सप्रेस-वे आने वाले समय में प्रयागराज की प्रगति का मुख्य आधार बनने जा रहा है।