नवाबगंज इलाके के गंगा कछार में घुड़सवार शिकारियों द्वारा एक तेंदुए को मार गिराने की खबर ने पुलिस और वन विभाग के अफसरों में खलबली मचा दी है। अति दुलर्भ प्रजाति के वन्य जीव तेंदुआ के शिकार करने वाले के घर में पुलिस ने शनिवार रात छापा मारा मगर कोई पकड़ा नहीं गया। पता चला कि तेंदुए ने कछार में दो लोगों को घायल कर दिया जिसके बाद शिकारियों ने उसे मारकर दफना दिया।
गांव वालों से पता चला कि यह तेंदुआ शनिवार सुबह मूसेपुर गांव के पास कछार में देखा गया। किसानों ने खेत में तेंदुए को देख शोर मचाया तो खबर एक से दूसरे गांव फैलती गई। घोड़े पर राइफल लेकर शिकारी आ गए। कई घुड़सवार शिकारियों ने कछार में घेराबंदी कर ली। फायर करने पर तेंदुआ खेत से निकलकर भागा तो शिकारियों ने उस पर फायरिंग की। भागने के दौरान तेंदुए ने लोगों पर हमला भी बोला। तैयापुर गांव के लल्लू पटेल और टेकारी गांव के बन्ने मियां तेंदुए के हमले में जख्मी हो गए। करीब दो घंटे बाद खेतों में छिपा तेंदुआ निकलकर भागा तो घात में लगे शिकारियों ने उसे तैयापुर और टेकारी के बीच गोली मारकर ढेर कर दिया। उसे कछार में ही गड्ढा खोदकर दफना दिया गया। दोपहर बाद यह खबर नवाबगंज थाने की पुलिस को मिली।
अति दुर्लभ वन्य जीव तेंदुए को मारना गंभीर अपराध है इसलिए एसओ नवाबगंज विजय प्रताप खुद पुलिस बल के साथ शिकारियों की तलाश में जुट गए। पुलिस को पता चला है कि तेंदुए को गोली मारने वाला शख्स टेकारी गांव का है। उसके घर में पुलिस ने देर शाम छापा मारा मगर वह नहीं मिला। इस बीच वन विभाग के सोरांव रेंजर एसएन श्रीवास्तव भी खबर पाकर टेकारी पहुंच गए। पुलिस और वन विभाग की टीम देर रात तक टेकारी और तैयापुर गांव के आसपास मारे गए तेंदुए के बारे में जानकारी जुटाती रही क्योंकि कोई कुछ भी बताने को राजी नहीं था। हालांकि वन विभाग के अफसरों का कहना है कि गड्ढा खोदकर शव निकालने पर ही साफ हो सकेगा कि वह तेंदुआ ही है या कोई और पशु।