एसआरएन अस्पताल मेें युवती से सामूहिक दुष्कर्म मामले की जांच तीसरे दिन भी जारी रही। पुलिस की ओर से बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के दौरान तैयार की गई स्वैब की स्लाइड जांच के लिए लैब भेज दी गई। इसके साथ ही एसआरएन अस्पताल के एसआईसी को भी रिपोर्ट भेजकर कथित घटना के वक्त ड्यूटी पर तैनात स्टाफ की जानकारी मांगी गई। अब मरीज के कथित स्टेटमेंट नोट को हैंडराइटिंग मिलान के लिए फोरेंसिक लैब भेजे जाने की भी तैयारी है।
एसआरएन में भर्ती युवती की इलाज के दौरान आठ जून को मौत के बाद कोतवाली थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जिसमें पांच अज्ञात चिकित्सा स्टाफ के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था। पोस्टमार्टम के दौरान मृतका के स्वैब की स्लाइड बनवाई गई थी। जिसे जांच के लिए बृहस्पतिवार को प्रयोगशाला में भेज दिया गया। इसके साथ ही विवेचक की ओर से एसआरएन अस्पताल के एसआईसी को भी रिपोर्ट भेजी गई। इसके जरिए यह जानकारी मांगी गई कि कथित घटना के वक्त ड्यूटी पर कौन-कौन सा चिकित्सा स्टाफ मौजूद था। जानकारी मिलने के बाद संबंधितों का बयान दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस उस स्टेटमेंट नोट की सत्यता की भी जांच कराएगी, जिसे पीड़िता का बताया गया था।
सूत्रों का कहना है कि जांच के लिए इस स्टेटमेंट नोट को फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। ताकि इस बात का पता चल सके कि इसकी लिखावट पीड़िता की हैंडराइटिंग से मेल खाती है या नहीं। फिलहाल इस मामले में आधिकारिक रूप से पुलिस ज्यादा कुछ बोलने को तैयार नहीं है। पुलिस अफसरों का कहना है कि विवेचना की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।