आरपीएफ और जीआरपी प्रयागराज ने बृहस्पतिवार को ट्रेनों से यात्रियों के सामान चुराने वाले एक अंतरराज्यीय गैंग के दस लोगों को पकड़ा है। खास बात यह रही कि इस गैंग में छह महिलाएं भी हैं। इन्हें पकड़े जाने में सीसीटीवी का अहम रोल रहा। एक चोरी के बाद इस गैंग के सदस्य प्रयागराज जंक्शन पर दोबारा चोरी करने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान यह पूरा गैंग आरपीएफ और जीआरपी की पकड़ में आ गया।
मंगलवार 29 जून को प्रयागराज जंक्शन पर झारखंड निवासी सोनम सिंह अपने परिवार के सदस्यों के साथ पुरुषोत्तम एक्सप्रेस पकड़ने के लिए पहुंचीं थीं। उनका रिजर्वेशन बी-1 कोच में था। कोच में चढ़ने के दौरान उनके बैग में रखी दस लाख की ज्वैलरी चोरी हो गई। महिला ने इसकी सूचना जीआरपी मिर्जापुर को दी। बाद में यह मामला प्रयागराज में स्थानांतरित कर दिया। यहां जानकारी मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी की टीम जांच में जुट गई। इस दौरान सीसीटीवी फुटेज देखी गई तो उसमें महिला का सामान चुराने वाली कुछ महिलाएं चिह्नित हो गईं। इसके बाद से ही इस गैंग के पीछे मुखबिरों को लगा दिया गया। 29 जून को चोरी करने के बाद यह गैंग एक बार फिर से चोरी की फिराक में प्रयागराज जंक्शन पहुंचा। इसकी जानकारी मिलते ही सुरक्षाकर्मी अलर्ट मोड में आ गए।
बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे जंक्शन के प्लेटफार्म चार-पांच के हावड़ा छोर पर अंतरराज्यीय गैंग के 10 सदस्यों (छह महिला, 01 नाबालिग और तीन पुरुष) को चोरी के माल के साथ पकड़ा गया। इस दौरान 29 जून को सोनम सिंह का जो सामान चोरी हुआ था, वह पूरा का पूरा इस गैंग से बरामद किया गया। इस बारे में एसपी जीआरपी सिद्धार्थ शंकर मीणा ने बताया कि सीसीटीवी, सर्विलांस, मुखबिर की सहायता से 48 घंटे के अंदर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर शत प्रतिशत सामानों की बरामदगी की गई।
इसकी कुल कीमत 12.83 लाख रुपये रही। पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि यह सभी घूमंतू हैं, जो शहरों में डेरा लगाकर रहते हैं और आपस में रिश्तेदार हैं। माला बेचने के नाम पर छोटे-छोटे बच्चों को लेकर पीड़ित का ध्यान भंग कर चोरी करते हैं। घटना करने के तुरंत बाद दूसरे शहर चले जाते हैं। इनके आपराधिक इतिहास के बारे में पता किया जा रहा है। उधर, इस गैंग को पकड़ने वाली टीम में इंसपेक्टर जीआरपी आरएम राय, अजीत शुक्ला, इंसपेक्टर आरपीएफ बीपी सिंह, अमित द्विवेदी, सुधीर, रिंकू सिंह आदि शामिल रहे।