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यूपी की कई परीक्षाओं में डाटा एंट्री किया था गिरोह के सदस्यों ने

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Gang members had done data entry in many UP examinations
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यूपी की कई परीक्षाओं का रिजल्ट तैयार किया था गिरोह ने
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प्रयागराज के कौशल किशोर और पंकज गुप्ता अभ्यर्थियों से वसूलते थे रुपये
एसटीएफ की टीम कई दिनों से पीछे लगी थी गिरोह के, सुबूत और पैसों के साथ पकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। एसटीएफ ने शुक्रवार को जिस शातिर गिरोह को पकड़ा है, उससे जुड़े लोगों ने यूपी की अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड की परीक्षाओं में डेटा इंट्री से लेकर रिजल्ट बनाने का भी काम किया था। आशंका है कि इन परीक्षाओं में भी गिरोह ने धांधली की है। एसटीएफ उन सभी की जांच कर रही है। गिरोह का जाल यूपी से लेकर बिहार और राजस्थान तक फैला हुआ है। गिरोह में शामिल दोनों सरकारी मास्टरों पंकज गुप्ता और अजीत कुमार तथा संग्रह अमीन कमल किशोर की जिम्मेदारी थी कि वह पैसे देने वाले अभ्यर्थियों को लाएं और उनसे पैसे वसूलें।
डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि विनोद कुमार गौड़ और शादान 2014 से राभव लिमिटेड विपुल खंड, लखनऊ में कंप्यूटर प्रोग्रामिंग का काम कर रहे हैं। राभव लिमिटेड प्रतियोगी परीक्षाओं की डाटा इंट्री और रिजल्ट बनाने का टेंडर समय-समय पर लेता रहा है। 2014 से 2016 तक यूपी की अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की कई परीक्षाओं में इस एजेंसी ने डाटा इंट्री और रिजल्ट बनाने का काम किया था। छह महीनों से एजेंसी राजस्थान सबार्डिनेट एंड मिनिस्टीरियल सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड द्वारा महिला सुपरवाइजर, कृषि पर्यवेक्षक व प्रयोगशाला सहायक परीक्षाओं के लिए ओएमआर को स्कैनिंग कर रिजल्ट बनाने का काम कर रही थी। कंप्यूटर प्रोग्रामर विनोद और शादान ने अपने दोस्त पंकज गुप्ता के साथ मिलकर इन परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को ढूंढने को कहा। पंकज ने अपने साथ अजीत कुमार और कमल किशोर को जोड़ा। तीनों ने मिलकर 18 अभ्यर्थियों को पास कराने का ठेका लिया और उनसे 61 लाख से अधिक वसूल किए। अभ्यर्थियों से कहा गया था कि वह परीक्षा में ओएमआर शीट न भरें। बाद में उन अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट विनोद और शादान ने एजेंसी में भर दी और सभी अभ्यर्थी परीक्षा में पास हो गए। इसी दौरान एसटीएफ के इंस्पेक्टर अतुल सिंह और केसी राय को गिरोह के बारे में भनक लगी तो दोनों ने गिरोह को पकड़ने के लिए जाल बिछाना शुरू कर दिया। शुक्रवार को जब पांचों लखनऊ में पैसों को बांटने के लिए इकट्ठे हुए तो टीम ने उन्हें जनेश्वर मिश्रा पार्क के पास से धर दबोचा।
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राजस्थान के दो जालसाज वांटेड
प्रयागराज। कंप्यूटर प्रोग्रामर विनोद गौड़ और शादान ने पंकज गुप्ता से अभ्यर्थियों का इंतजाम करने को कहा तो पंकज ने अपने साथ कौशल और अजीत को भी जोड़ लिया। तीनों एक दो बार राजस्थान भी गए लेकिन बाहरी होने के कारण किसी ने उन्हें पैसे नहीं दिए न ही उनकी बात पर यकीन किया। इसके बाद जीएसटी प्रयागराज में संग्रह अमीन कौशल किशोर यादव ने अपने संपर्कों के माध्यम से राजस्थान के दो जालसाजों रमेश मीणा और धर्मेश मीणा को गिरोह में शामिल किया। उनसे प्रति अभ्यर्थी एक लाख का सौदा तय हुआ। इसके बाद दोनों 18 अभ्यर्थियों का इंतजाम किया, जिनसे रुपये वसूले गए।
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व्हाट्सएप स्क्रीन शाट से मिला कच्चा चिट्ठा
प्रयागराज। एसटीएफ ने तमाम चीजों के साथ 68 व्हाट्सएप स्क्रीन शॉट बरामद किया है। इन स्क्रीन शाट में गिरोह का पूरा कच्चा चिट्ठा मौजूद है। इनमें अभ्यर्थियों से मैसेज के साथ साथ गिरोह के सदस्यों की बातचीत के भी स्क्रीन शाट मौजूद थे।
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