दो निविदाओं में क्रमश: मेसर्स बीएल इंटर प्राइजेज और मेसर्स गंगा इलेक्टि्रकल्स ने प्रतिभाग किया। जबकि हाईकोर्ट फ्लाईओवर की निविदा में गंगा इलेक्टि्रकल के साथ मेसर्स गायत्री इलेक्टि्रकल्स वर्क्स और मेसर्स आरजी ट्रेडर्स ने हिस्सा लिया था। शिकायत में कहा गया है कि कार्यक्षमता को लेकर गंगा इलेक्टि्रकल्स की ओर से दिए गए शपथपत्र में रेलवे, नगरनिगम, पीडीए, यूपीसीडा में चल रहे अपने कार्यों को नहीं दर्शाया गया है।
इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई। शपथपत्र की सत्यता को मुख्य अभियंता और अधिशासी अभियंता ने नहीं परखा और गंगा इलेक्टि्रकल्स को कार्य आवंटित कर दिया। इसके बाद हाईकोर्ट फ्लाईओवर के पास वाली निविदा निरस्त कर दी गई। अफसरों का कहना है कि पात्रता पूरी न होने की वजह से यह निविदा निरस्त की गई। इस निविदा को नए सिरे से कराया जा रहा है।
कुंभ के तहत नैनी और हाईकोर्ट फ्लाईओवर के पास ओवरहेड लाइन को अंडरग्राउंड कराने और एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने की निविदा में गड़बड़ी की शिकायत या जांच आख्या मांगे जाने की जानकारी अभी मुझे नहीं है। हाईकोर्ट वाली एक निविदा प्रक्रिया पूरी न होने की वजह से निरस्त हुई है। इसे पुन: कराया जा रहा है। - आशुतोष श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता, पीडीए।