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बायोटेक्नोलॉजी से दूर होगा खाद्यान्न संकट

Tue, 24 May 2016 02:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इविवि में ‘जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी’ विषय पर सोमवार को शुरू आठ दिवसीय कार्यशाला में विद्वानों ने जैव प्रौद्योगिकी के महत्व और इसके विस्तार की संभावना पर चर्चा की। बायोटेक्नोलॉजी विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में वैज्ञानिकों का कहना था कि इसकी मदद से खाद्यान्न संकट को दूर किया जा सकता है।
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संयोजक प्रो. एमपी सिंह का कहना था कि प्रख्यात दार्शनिक और अर्थशास्त्री ने बढ़ती जनसंख्या के प्रति आगाह करते हुए भुखमरी की बात कही थी। बायोटेक्नोलॉजी ने उनकी इस भविष्यवाणी को गलत साबित कर दिया। उन्होंने खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने के अलावा रोगों से लड़ने वाली प्रजाति के विकसित करने की तकनीकी के बारे में बताया। कुलपति प्रो. रतनलाल हांगलू ने बायोटेक्नोलॉजी में शोध की जरूरत बताई। आईआईडीएस के निदेशक प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय इस तकनीकी पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम को डॉ.आशीष कुमार सिंह, डॉ.विनोद वर्मा आदि ने संबोधित किया।

संस्कृत में 19 छात्र करेंगे डीफिल 
इविवि के संस्कृत विभाग के डीफिल कोर्स में 19 छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा। विभाग में छह शिक्षक हैं और एक अध्यापक के अंडर में दो विद्यार्थी को दाखिला दिया जा सकता है। इस लिहाज से पिछले सत्र में 12 सीट के लिए ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन अभ्यर्थियों की अधिक संख्या को देखते हुए सीट बढ़ाने का निर्णय लिया गया। हर शिक्षक के अंडर में तीन विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए कुलपति से भी अनुमति ली गई है। हालांकि, यह व्यवस्था सिर्फ एक साल के है। इसके विपरीत विद्यार्थियों के एक गुट ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। सोमवार को हुई बैठक में उनका कहना था कि यदि संस्कृत में अधिक सीट स्वीकृत हो सकती है तो अन्य विभागों में क्यों नही। उन्होंने प्रवेश में एकरूपता के लिए आंदोलन की चेतावनी दी। बैठक में रामानुज पांडेय, घनश्याम तिवारी, राजेश सिंह, विजय शंकर मिश्र, अमित कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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प्रवेश प्रक्रिया पर होगी सीसीटीवी की नजर
इविवि के सभी परिसर जल्द ही सीसीटीवी कैमरे की नजर में होंगे। सोमवार को प्रवेश भवन से इसकी शुरुआत हो गई। कुलपति प्रो. रतनलाल हांगलू ने सीसीटीवी कैमरे का उद्घाटन किया। प्रवेश भवन परिसर में कुल 24 कैमरे लगाए गए हैं। प्रवेश के लिए बने सभी काउंटर पर भी कैमरे लगाए गए हैं। इस तरह से पूरी प्रवेश प्रक्रिया पर सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जाएगी। इससे प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता के दावे किए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रवेश भवन पर मंडराने वाले दलालों की धड़-पकड़ में भी मदद मिलेगी।
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