मौनी अमावस्या पर 10 करोड़ लोगों के स्नान करने की उम्मीद है। ऐसे में भीड़ को देखते हुए मेला क्षेत्र में 27 से 29 जनवरी तक स्नानार्थी जिस सेक्टर से आएंगे, उसी से उनकी वापसी कराई जाएगी। साथ ही संगम के बजाय नजदीकी घाट पर स्नान कराने की भी योजना बनाई गई है।
वहीं, संगम व आसपास के क्षेत्रों में विशेष टीम तैनात रहेगी, जो श्रद्धालुओं को स्नान के बाद तत्काल हटाने का काम करेगी। इसके अलावा श्रद्धालुओं को सेक्टर स्तर पर ही रोकने की योजना बनाई गई है। मेला प्रशासन की ओर से गंगा के दोनों तरफ 12 किमी में लगातार घाट बनाए गए हैं।
योजना बनाई गई है कि लोगों को नजदीक के घाट के पर ही स्नान कराया जाए। ताकि, संगम नोज पर अधिक दबाव न पड़ने पाए। इसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी एडीएम व एसडीएम स्तर के अफसरों को दी गई है।
संस्थानों के शिविर बनेंगे होल्डिंग एरिया
भीड़ प्रबंधन के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की जा रही है। इसके अलावा अलग-अलग टीमें रस्से, लाउडर, सीटी आदि संग तैनात रहेंगी।
वाच टावर के साथ केंद्रीय बलों की भी तैनाती की जाएगी। भीड़ नियंत्रण के लिए संस्थानों को होल्डिंग एरिया के रूप में उपयोग करने की भी योजना बनाई गई है। इसके लिए शुक्रवार को संस्थाओं से की बात की गई। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर अस्थायी पार्किंग क्षेत्र बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं।