पुलिस अफसर बनना चाहती थी छात्रा
मां हेमा देवी मंगलवार दोपहर एसआरएन चौकी परिसर में रोटी-बिलखती रहीं। परिवार के अन्य लोग पंचनामा भरवा रहे थे। मां ने बताया कि गरीबी के चलते बेटी की फीस जमा नहीं कर पाए थे, इसलिए उसे 10वीं का प्रवेश पत्र नहीं मिल रहा था। इसके बाद 6600 रुपये कर्ज लेकर स्कूल की बकाया फीस जमा की गई, तब प्रवेश पत्र मिला और वह परीक्षा में शामिल हो पाई थी। हेमा ने बताया कि उसकी बेटी कहती थी कि मां शादी जल्दी से मत करना। मैं इंटर की पढ़ाई के बाद पुलिस सेवा में जाने की तैयारी करूंगी।