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नैनी

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दोस्तों ने की थी राहुल की हत्या, घूरपुर में मिला कटा सिर
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आशनाई के विवाद में की हत्या
लड़की के चक्कर में गांव के ही दोस्त ने तीन साथियों के साथ की थी जघन्य हत्या
पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत चारों को किया गिरफ्तार, मोबाइल व एक चापड़ की तलाश
नैनी। औद्योगिक क्षेत्र के मसिका गांव के सामने शनिवार की रात में गला काटकर हुई सब्जी विक्रेता राहुल बिंद हत्याकांड का पुलिस ने सोमवार को खुलासा कर दिया। हत्या दोस्तों ने एक लड़की के विवाद में की थी। पुलिस ने राहुल के काटे सिर को भी घूरपुर के छीतूपुर के एक सूखे कुएं से बरामद कर लिया। हत्या में प्रयुक्त एक चापड़ व बाइक भी मिल गई है। अभी मारे गए युवक का मोबाइल व एक चापड़ नहीं मिला है। जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। हत्या से लेकर उसका सिर पांच किमी दूर फेंकने और बाइक को नौ किमी दूर झाड़ी में छिपाने के सारे घटनाक्रम को चारों लड़कों ने बेहद शातिराना अंदाज में महज डेढ़ से दो घंटे के अंदर अंजाम दिया था।
एसपी यमुनापार दीपेंद्र नाथ चौधरी और सीओ करछना सच्चिदानंद ने सोमवार शाम को औद्योगिक क्षेत्र थाने में खुलासा करते हुए बताया कि इस हत्याकांड की साजिश राहुल बिंद के गांव के ही खास मित्र इंद्र कुमार बिंद उर्फ भोले पुत्र बबऊ बिंद ने रची थी। पुलिस के अनुसार इस हत्याकांड में चार लड़के गिरफ्तार हुए हैं। पकड़े गए लड़कों में नीबी तालुका खुर्द, घूरपुर का चाट विक्रेता दोस्त इंद्र कुमार उर्फ भोले, प्रमोद बिंद, चंदन बिंद व घोघापुर, घूरपुर का सूरज गौतम शामिल है। इसमें भोले उर्फ इंद्र कुमार ने सूरज गौतम को राहुल बिंद को 09 नवंबर को घटनास्थल पर बुलाने के लिए 700 रुपए दिए थे। जिसे पुलिस ने सूरज के घर में जूते के नीचे से बरामद भी कर लिया है। पहले चारों ने मिलकर लकड़ी के पटरे से राहुल की पिटाई की। फिर प्रमोद ने चापड़ से उसका गला काटा और भोले ने दूसरे चापड़ से उसका गुप्तांग काट लिया था। हत्या के बाद उसकी मुंडी लेकर तीनों घटनास्थल से करीब पांच किमी दूर छीतूपुर, करमा स्थित इंटर कालेज के पास गए। वहां अंग्रेजों के जमाने के एक कुंए में उसकी मुंडी को सुतली के बोरे में लपेटकर फेंक दिया। वहीं चापड़ भी फेंक दिया। उसके बाद प्रमोद बिंद उसकी बाइक को ले जाकर घूरपुर के बोंगी गांव के सामने नहर के किनारे सरपताही में खड़ी करके अपने घर चला गया। महज डेढ़ घंटे में पूरी हत्याकांड को अंजाम देकर भोले अपने चाट के ठेले पर पहुंच गया था और बाकी तीनों भी अपने-अपने घर पहुंच गए थे, ताकि किसी को कोई शक न हो। सोमवार को धड़ का पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने नैनी के बजाय झूंसी के छतनाग घाट पर राहुल का अंतिम संस्कार कर दिया। मंगलवार को उसके सिर को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। राहुल हत्याकांड में जिस राहुल के मोबाइल को पुलिस अभी नहीं ढूंढ पाई है।
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दो अन्य दुश्मनों संग मिलकर बनाई थी दोस्त ने हत्या की योजना
नैनी। नाराज भोले ने अपने साथ राहुल के दुश्मन चंदन और प्रमोद कुमार बिंद को मिलाया। प्रमोद बिंद की भी एक रिश्तेदार के यहां राहुल ने ऐसी हरकत की थी, जिससे वह भी राहुल से चिढ़ा हुआ था। तीनों ने मिलकर राहुल के हत्या की योजना बनाई। 08 नवंबर को भोले ने अपने घोघापुर के रहने वाले अपने चौथे मित्र सूरज गौतम को बुलाया, जो कि राहुल बिंद का भी साथी था। भोले ने सूरज को 700 रुपये देकर नौ नवंबर की शाम को उसे राहुल को मसिका गांव के सामने घटनास्थल पर बुलवाया था।
गर्लफें्रड से बात करने पर राहुल ने दोस्त की कर दी थी पिटाई
नैनी। एसपी यमुनापार दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि राहुल अपने साथी भोले और चंदन के साथ पड़ोस के गांव पजावा में कबड्डी खेलने जाता था। वहां की एक चौथी लड़की से राहुल का अफेयर हो गया था। दोनों की फोन पर बात होने लगी। एक हफ्ते पहले राहुल को पता चला कि उस लड़के से भोले उर्फ इंद्र कुमार भी बात करता है। इसी बात को लेकर दोनों में किचकिच हुई। जिसमें राहुल ने भोले को पीट दिया था। जिससे भोले खासा नाराज था।
हंगामे के दौरान भीड़ में ही शामिल होकर विरोध कर रहे थे हत्यारोपी
नैनी। पकड़े गए चारों लड़कों का अपराध जगत में पहला कदम है लेकिन चारों ने इतने साफगोई से घटना को अंजाम दिया कि जैसे पेेशेवर मुजरिम ने घटना की हो। हत्या के बाद चारों रात भर अपने घर में रहे। अगले दिन चारों लड़के राहुल के घरवालों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस के साथ उसका सिर घंटों ढूंढते रहे। उसके बाद घटनास्थल पर सिर ढूंढने के बाद ही लाश ले जाने के लिए लोगों को भड़काने में भी भोले, चंदन और प्रमोद की प्रमुख भूमिका रही। हालांकि पुलिस ने सूरज को शक के आधार पर घटनास्थल से ही हिरासत में ले लिया था। सूरज के जरिए ही पुलिस भोले तक पहुंची और फिर सारी घटना का पटाक्षेप हो गया।
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एसएसपी ने पुलिस टीम को दिया 25 हजार का ईनाम
नैनी। एसपी यमुनापार दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि गिरफ्तारी टीम में सीओ करछना सच्चिदानंद, औद्योगिक क्षेत्र इंस्पेक्टर अभय कुमार श्रीवास्तव, एसओ घूरपुर एवं स्वाट टीम प्रभारी वृंदावन राय, एसआई सुनील कुमार सिंह, एसआई दीपक कुमार, हेड कांस्टेबिल कलामुद्दीन, प्रवीण कुमार पांडेय, कांस्टेबिल विमिलेश कुमार व रविंद्र कुमार यादव की भूमिका सराहनीय रही। एसएसपी ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपए का ईनाम देने की घोषणा की है।
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