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सुविधा नि:शुल्क, पर देना होगा सुविधा शुल्क

Mon, 25 Jan 2016 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद
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सुविधा भले ही नि:शुल्क हो, पर सुविधा शुल्क दिए बगैर काम नहीं होने वाला। काम सरकारी हो तो दिमाग में सबसे पहले यही बात आती है। आधार कार्ड बनवाने वाले भी इसके शिकार बन गए। खाद्य सुरक्षा अधिनियम में पंजीकरण के लिए लाभार्थियों से आधार कार्ड मांगा जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है जबकि खाद्य सुरक्षा अधिनियम में पंजीकृत किए जा रहे ज्यादातर लाभार्थी ग्रामीण इलाकों के हैं। आधारकार्ड बनाने वाली एजेंसियों ने ग्रामीणों की इस मजबूरी का फायदा उठाना शुरू कर दिया है। जिले के कई गांवों से शिकायतें मिली हैं कि पचास-पचास रुपये लेकर आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं जबकि यह सुविधा नि:शुल्क है।
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जिले में पहली मार्च से खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होना है। इसके तहत इलाहाबाद में नौ लाख 89 हजार 190 पात्र गृहस्थियों का चयन किया गया है। चयनितों से संबंधित अस्थायी राशन कार्ड कोटेदारों को उपलब्ध करा दिए गए हैं ताकि चयनित पात्र गृहस्थी उसमें आवश्यक संशोधन के लिए अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकें। इस दौरान पात्र गृहस्थियों को अपना आधार नंबर भी दर्ज कराना है। जिनके आधार कार्ड नहीं बने हैं, उनसे कहा गया है कि तत्काल आवेदन कर लें और नामांकन संख्या ही दर्ज करा दें। बाद में आधार कार्ड बनने पर आधार नंबर दर्ज कर लिया जाएगा। चयनित पात्र गृहस्थियों में सात लाख 88 हजार 355 कार्ड धारक ग्रामीण इलाकों के हैं जबकि शहरी क्षेत्र के दो लाख 835 कार्ड धारक हैं। ग्रामीण इलाकों में बहुत कम लोगों के आधार कार्ड बने हैं। 
ऐसे में आधार कार्ड बनाने वाले एजेंसियों को ग्रामीण इलाकों में अभियान चलाकर लक्ष्य पूरा करने के लिए कहा गया है। चयनितों को आशंका है कि आधार कार्ड नहीं बना तो वे खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभ से वंचित हो सकते हैं। उनकी इसी मजबूरी का कुछ एजेंसियां फायदा उठा रही हैं। जसरा ब्लॉक के अमरेहा, बुंदावा, गौहनिया इलाके में सैकड़ों लोगों से आधार कार्ड के लिए पचास-पचास रुपये वसूले गए। तहसील में इसकी शिकायत भी की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह अन्य ब्लॉकों में भी ग्रामीणों से आधार कार्ड के नाम पर वसूली की जा रही है जबकि आधार कार्ड की सुविधा नि:शुल्क है। 
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‘आधार कार्ड की सुविधा पूरी तरह से नि:शुल्क है। इसके लिए पैसा कतई न दें। अगर कोई मांग करता है तो संबंधित थाने और तहसील में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। लिखित शिकायत पर पैसा वसूलने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’ -अटल कुमार राय, मुख्य विकास अधिकारी
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