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धोखाधड़ी का मुकदमा रद्द

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प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आईपीसी की धारा 482 के अंतर्गत दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए धोखाधड़ी के आरोप को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि बिना लाइसेंस के केरोसिन की बिक्री करना आईपीसी की धारा 419 और 420 के तहत अपराध नहीं बनता है।
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मामला जौनपुर के थोक केरासिन कारोबारी माधव प्रसाद सीताराम का है। उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 419 और 420 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई थी। माधव प्रसाद ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर पर कमिश्नरी में अपील की थी। उनकी अपील पर अस्थायी आदेश पास हो गया। वे केरोसिन की बिक्री करने लगे। इसके कुछ दिनों बाद उनकी अपील कमिश्नरी से खारिज हो गई। बावजूद इसके वह केरोसिन की बिक्री करते रहे। इस पर माधव प्रसाद के खिलाफ आईपीसी की धारा 419 और 420 के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मामले में 23 जुलाई 2005 को समन जारी हुआ। याची ने समन के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याची का पक्ष संजय सिंह ने रखा। हाईकोर्ट ने कहा कि बिना लाइसेंस के केरोसिन की ब्रिकी आईपीसी की धारा 419 और 420 के तहत अपराध नहीं बनता है। यह आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत अपराध हो सकता है। लिहाजा, समन जारी करने का आदेश गलत है और यह कानून की प्रक्रिया को घोर दुरुपयोग है।
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