डायरी में मिला काले कारनामों का लेखाजोखा
जांच पड़ताल में एसटीएफ टीम को जयबाबू के कब्जे से डायरीनुमा कई दस्तावेज मिले। इसमें नकल माफिया रैकेट के काले कारनामों का लेखाजोखा था और यह सारा विवरण उसने खुद अपने हाथ से लिखा था। इनमें उन अभ्यर्थियों के नाम थे, जिन्हें परीक्षा पास कराने का ठेका लिया गया था। इसके साथ ही उनके रोल नंबर, परीक्षा केंद्र का नाम, उन्हें मिली बुकलेट की सिरीज का भी जिक्र था।
अभ्यर्थियों के नाम के आगे उन दलालों का भी नाम लिखा था जिनके जरिये वह रैकेट के संपर्क में आए। सरगना ने यह भी बताया कि इनमें से कुछ नाम 21 अगस्त को हुई फॉरेस्ट गार्ड परीक्षा के कुछ अभ्यर्थियों के नाम भी हैं। हालांकि नकल की व्यवस्था न हो पाने के कारण इन अभ्यर्थियों से वसूली नहीं हो पाई थी।
अभ्यर्थी को दो लाख में सॉल्व कराया था पेपर
गिरफ्तार अभ्यर्थी मुलायम सिंह यादव के कब्जे से बरामद मोबाइल में बी सीरीज की उत्तर कुंजी मिली। उसने बताया कि उसका सेंटर शैल शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज, नैनी में था। मोबाइल में मिली उत्तर कुंजी के जरिये ही उसने लेखपाल भर्ती परीक्षा का पेपर सॉल्व किया था। इसके लिए उसने दो लाख रुपये गिरफ्तार सदस्यों में शामिल बाला लखेंद्र राजभर को दिए थे। यह रुपये वह अनिल कुमार वर्मा निवासी सेवापुरी, वाराणसी के जरिये सरगन जयबाबू तक पहुंचाता था।
आठ लाख में हुई थी डील
गिरफ्तार रानू ने बताया कि उसने ही मुलायम को बाला लखेंद्र से मिलवाया था। परीक्षा पास कराने के लिए आठ लाख की डील हुई थी जिसमें से उसने दो लाख रुपये एडवांस दिए थे। उधर गिरफ्तार पंकज तिवारी ने बताया कि उसने गाजीपुर के चार अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का ठेका लिया था। जिसके लिए बतौर एडवांस एक-एक लाख रुपये जयबाबू को दिए थे। एसटीएफ अफसरों ने बताया कि जयबाबू के कब्जे से बरामद डायरीनुमा दस्तावेजों में इन सभी अभ्यर्थियों का नाम भी लिखा मिला है। साथ ही अभ्यर्थियों का इंतजाम करने वाले अन्य दलालों जैसे अमित, विजय, महेंद्र, राकेश, आशुतोष आदि के नाम भी लिखे मिले।