इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कक्षा में बैठे एमए के छात्र नागेंद्र सिंह गोलू को पर जिस सरदार सिंह ने हमला किया, कभी वह और नागेंद्र दोनों एक ही हॉस्टल में रहते थे। चार साल पहले दोनों में झगड़ा हुआ, जिसके बाद सरदार नागेंद्र से रंजिश रखने लगा। खास बात यह कि उसने दिल्ली से आकर इस वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक बातचीत के दौरान खुद घायल छात्र नागेंद्र ने यह बात बताई। बताया कि हमलावर सरदार सिंह मूलत: जौनपुर जिले के बदलापुर गांव का रहने वाला है। चार साल पहले वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय का छात्र था। उस समय वह विवि के हिंदू हॉस्टल में रहता था। तब नागेंद्र भी हिंदू हॉस्टल में रहता था। पुलिस के मुताबिक हॉस्टल में रहने के दौरान ही 2014 में एक बार दोनों का विवाद हुआ। विवाद के बारे में पूछने पर कर्नलगंज पुलिस ने बताया कि आरोपी सरदार किसी युवक को हॉस्टल में लाकर पीट रहा था। इसका नागेंद्र ने विरोध किया तो वह उससे ही उलझ पड़ा। बकौल पुलिस, नागेंद्र तो इस घटना के भूल गया लेकिन सरदार ने खुन्नस पाल ली। विवि से पासआउट होने के बाद वह दिल्ली चला गया। इधर नागेंद्र एमए करने के दौरान हॉलैंड हॉल हॉस्टल में रहने लगा। पुलिस का यही कहना है कि चार साल पहले हुए इसी विवाद में सरदार ने इस घटना को अंजाम दिया। उसकी तलाश की जा रही है। इंस्पेक्टर कर्नलगंज सत्येंद्र सिंह ने बताया कि घायल छात्र के घरवालों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी की तलाश की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि जांच-पड़ताल में पता चला है कि आरोपी सरदार सिंह एक दिन पहले ही दिल्ली से शहर आया। वहां आकर वह किसी दोस्त से मिलने हिंदू हॉस्टल भी गया था। सुबह नाश्ता करने के बाद वह हॉस्टल से निकल गया और फिर नहीं लौटा। दोपहर में उसने इस वारदात को अंजाम दे डाला। पुलिस का कहना है कि अन्य छात्रों से पूछताछ में यह भी पता चला है आरोपी सरदार पहले से आपराधिक मुकदमा भी चल रहा है। हालांकि फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। थाने का रिकॉर्ड देखने के बाद इस बारे में कुछ स्पष्ट कहा जा सकता है।