रामनगर के डोरवा मोहल्ले में शनिवार सुबह नहर में चप्पल थोने के दौरान डूबने से चार साल की मासूम की मौत हो गई। मासूम का शव नहर में उतराया मिला तो परिजन बेसुध हो गए।
रामनगर के डोरवा मोहल्ले में शनिवार सुबह नहर में चप्पल थोने के दौरान डूबने से चार साल की मासूम की मौत हो गई। मासूम का शव नहर में उतराया मिला तो परिजन बेसुध हो गए। उसे नहर से निकालकर सीएचसी रामनगर ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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संतोष कुमार पटेल अहमदाबाद में निजी क्षेत्र में नौकरी करते हैं। डोरवा मोहल्ले में उनकी पत्नी ममता अपनी पांच बेटियों के साथ रहती हैं। शनिवार सुबह नौ बजे संतोष की तीन बेटियां प्राथमिक विद्यालय बजहा में पढ़ने चली गईं। घर पर ममता के साथ उनकी दो बेटियां थीं। इसी दौरान ममता घरेलू कामकाज व्यस्त हो गईं।
जिसके चलते वह बच्चियों पर ध्यान नहीं दे सकीं और चौथी बेटी शिवांशी (4) घर से करीब 20 मीटर की दूरी पर गुजरी नहर के पास अपने चप्पल को धोने चली गई। चप्पल धोने के दौरान वह नहर में गिरकर डूब गई। उसे डूबते वक्त चचेरी बहन लाडो ने देख लिया और घटना की जानकारी परिजनों को दी। जिसके बाद परिजन दौड़कर नहर पर पहुंचे और शिवांशी को बाहर निकाल कर सीएचसी ले गए लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। चिकित्सकों ने भी जांच के बाद मासूम को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।