कोविड-19 की गाइड लाइन के बीच बृहस्पतिवार को आनंद भवन संग्रहालय के ताले आम दर्शकों के लिए खोल दिए गए। इसी के साथ सात माह बाद आनंद भवन संग्रहालय गुलजार हो गया। लोगों ने स्वतंत्रता आंदोलन की स्मृतियों से लेकर संग्रहालय की कला कृतियों को निहारा। पहले दिन ही तारामंडल के सभी चार शो में दर्शक पहुंचे। खगोलीय घटनाओं पर आधारित इस शो देखकर लोग मुग्ध हो उठे।
बृहस्पतिवार की सुबह 10 बजे आनंद भवन संग्रहालय खोला गया। इसी के साथ खिड़की पर टिकट के लिए लोगों की लाइन लग गई। संग्रहालय प्रशासन की ओर से परिसर में बनाए गए सर्किल के बीच लोगों को दूर-दूर खड़ा किया गया। संग्रहालय के द्वार पर हैंडवाश, सैनिटाइजर के साथ ही थर्मल स्केनिंग भी की जा रही थी। पहले दिन आनंद भवन संग्रहालय में 250 टिकट की बिक्री हुई। इससे परिसर में दिन भर चहल -पहल बनी रही। इसके अलावा तारामंडल के भी चार शो चलाए गए।
पहला शो दिन के 11 बजे, दूसरा दोपहर एक बजे, तीसरा तीन बजे और चौथा 4:30 बजे से 40-40 मिनट के लिए चलाया गया। पहले दिन परिसर में आवाजाही शुरू होने से सन्नाटा टूटा, लेकिन लोगों के चेहरे पर खुशी भी थी और संक्रमण की वजह से डर के भाव भी। दर्शक मास्क लगाकर दूरी बनाए हुए थे। संग्रहालय प्रशासन की ओर से परिसर से लेकर तारामंडल तक की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
- सरकार की गाइड लाइन के तहत ही संग्रहालय को खोला गया है। पहले दिन संग्रहालय और तारामंडल का शो देखने के लिए लोगों में खासा उत्साह दिखा। तारमंडल में 96 सीटें हैं, लेकिन दीर्घा की क्षमता की तुलना में 50 फीसदी लोगों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। डॉ रवि किरन, प्रशासक- आनंद भवन संग्रहालय।