प्रयागराज-मुुंबई रेलखंड के मदरहा और जसरा रेलवे स्टेशन के बीच शरारती तत्वों ने चार सिग्नल को काले रंग की प्लास्टिक और कपड़े से ढक दिया। रविवार रात वहां से गुजर रही गाड़ी संख्या 15232 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस के लोको पायलट को जब सिग्नल नहीं दिखा तो उसने ट्रेन की रफ्तार धीमी कर दी। मदरहा स्टेशन पहुंचकर ट्रेन रोक दी।
लोको पायलट ने रेलकर्मियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद रेल महकमे के साथ सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं। यह शरारत थी या साजिश, इन दोनों ही पहलुओं पर आरपीएफ ने जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि मदरहा रेलवे स्टेशन के आउटर पर जसरा की ओर ग्राम सभा हरदी के सामने रेलवे के सिग्नल लगे हुए हैं। शरारती तत्वों ने रेलवे के सिग्नल नंबर 519 ए, 521 ए, 552 ए और 504 ए पर काले रंग की प्लास्टिक और कपड़े बांध दिए थे।
ट्रेन का मदरहा स्टेशन पर ठहराव नहीं था। इसके बावजूद इसके लोको पायलट ने सतर्कता बरतते हुए ट्रेन को मदरहा स्टेशन पर रोक दिया। कुछ देर तक स्थिति का जायजा लेने के बाद ट्रेन को सुरक्षित आगे के लिए रवाना किया गया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे और आरपीएफ के उच्च अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया।
उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि सिग्नल पर प्लास्टिक और कपड़ा लगाए जाने की पुष्टि हुई है। इस मामले में आरपीएफ पोस्ट ने अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। सोमवार रात तक सिग्नल को ढकने वाले आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिल सका था।