जार्जटाउन में लूट की नीयत से आईसीआईसीआई बैंक का एटीएम तोड़ने वाले बदमाश चार से पांच की संख्या में थे। सीसीटीवी फुटेज से यह बात सामने आई है। हालांकि फुटेज मिलने के बाद भी पुलिस बदमाशों को चिह्नित नहीं कर सकी है। पूछने पर अफसरों का यही कहना है कि जांच जारी है।
जार्जटाउन में लाउदर रोड पर कृति स्कैनिंग सेंटर से कुछ दूरी पर तीन एटीएम हैं। इनमें आईसीआईसीआई के साथ ही एचडीएफसी व यूबीआई के एटीएम शामिल हैं। शनिवार रात लूट की नीयत से पहुंचे बदमाशों ने एटीएम ही तोड़ डाला था। हालांकि वह नगदी नहीं ले जा पाए थे। रविवार सुबह छह बजे सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची लेकिन जांच पड़ताल के बाद वापस चली गई। बदमाशों ने बगल स्थित दोनों एटीएम केबिन में लगे सीसीटीवी कैमरे भी क्षतिग्रस्त कर दिए थे। सोमवार को बैंक खुलने के बाद पुलिस ने तीनों मशीनों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।
आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम में लगे कैमरे की फुटेज में दो बदमाश तो नजर आए लेकिन उनकी तस्वीर स्पष्ट नहीं थी। इसके बाद पुलिस ने एचडीएफसी बैंक के एटीएम में लगे कैमरे की फुटेज चेक की। जिसमें दो संदिग्ध नजर आए। इसके बाद यूबीआई के एटीएम में लगी फुटेज देखने से दो-तीन और संदिग्ध नजर आए। ऐसे में माना जा रहा है कि बदमाशों की संख्या चार-पांच हो सकती है। फुटेज देखने से यह भी पता चला है कि तोड़फोड़ से पहले बदमाशों ने तीनों एटीएम में डेबिट कार्ड भी लगाया था। पुलिस का मानना है कि हो सकता है कि बदमाश यह सुनिश्चित करना चाहते हों कि एटीएम में कैश है या नहीं। हालांकि इस मामले में पुलिस अभी कुछ बोलने से इंकार कर रही है। पूछने पर यही कहा जाता रहा कि बदमाशों की तलाश की जा रही है।
अब तक की जांच में यह बात साफ है कि बदमाश शाम से ही एटीएम के आसपास मंडराने लगे थे। ध्यान देने वाली एक और बात यह है कि बदमाशों ने न सिर्फ एक एटीएम में तोड़फोड़ की बल्कि आसपास के दो एटीएम केबिन में लगे सीसीटीवी कैमरे भी क्षतिग्रस्त कर दिए। इसमें कम से कम से दो से ढाई घंटे का समय जरूर लगा होगा। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों को जानकारी नहीं मिल पाना काफी हैरत भरा है। एक सवाल यह भी है कि घटना रात में भी हुई तो उस वक्त रात्रिगश्त पर तैनात पुलिसकर्मी कहां थे। आखिर उन्हें इसकी जानकारी कैसे नहीं हुई।
पुलिस ने तीनों बैंक के अफसरेां से यह विवरण मांगा है कि उनके एटीएम से आखिरी ट्रांजक्शन कब हुआ। एचडीएफसी, यूबीआई व आईसीआईसीआई बैंक पहुंचकर पुलिस ने विवरण देने को कहा। दरअसल पुलिस का मानना है कि हो सकता है कि बदमाशों ने अपना कार्ड लगाकर एटीएम में कैश होने की जानकारी हासिल की हो। अगर ऐसा होता है तो कार्ड नंबर के जरिए बदमाशों तक पहुंचना काफी आसान होगा।