फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj : आश्रय स्थलों में तीन दिनाें में चार नाबालिगों की मौत, काफी दिनों से चल रहे थे बीमार

Mon, 22 Jan 2024 11:46 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

रविवार को परिजनों के आने के बाद खुल्दाबाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया गया। उधर रविवार को ही म्योराबाद स्थित मिशनरीज ऑफ चैरिटीज के आश्रयस्थल में भर्ती नौ साल की बालिका की मौत हो गई। वह कानपुर की रहने वाली थी और काफी दिनों से बीमार थी।
विज्ञापन
बच्चे की मौत - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शहर में स्थित राजकीय व एक निजी आश्रयस्थल में तीन दिनों के भीतर चार नाबालिगों की मौत हो गई है। इनमें से एक 17 साल जबकि तीन क्रमश: दो दिन, तीन साल व नौ साल के थे। सभी की मौत कारण बीमारी बताया जा रहा है। इनमें से दो का पोस्टमार्टम रविवार को कराया गया।

विज्ञापन


राजकीय बालिका गृह खुल्दाबाद में फतेहपुर के खखरेरू की रहने वाली 17 साल की किशोरी काफी दिनों से आवासित थी। वह 12 जनवरी से बीमार थी और उसे एसआरएन में भर्ती कराया गया था। 19 जनवरी को को उसकी मौत हो गई जिसकी सूचना देने के बाद भी परिजन नहीं आए।

रविवार को परिजनों के आने के बाद खुल्दाबाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया गया। उधर रविवार को ही म्योराबाद स्थित मिशनरीज ऑफ चैरिटीज के आश्रयस्थल में भर्ती नौ साल की बालिका की मौत हो गई। वह कानपुर की रहने वाली थी और काफी दिनों से बीमार थी। आश्रयस्थल में ही रखकर उसका इलाज कराया जा रहा था जहां रविवार सुबह उसने दम तोड़ दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

इससे पहले 20 जनवरी को राजकीय शिशु गृह खुल्दाबाद में तीन साल की बच्ची व एक नवजात ने दम तोड़ दिया था। बच्ची चित्रकूट जनपद जबकि नवजात आजमगढ़ जनपद से यहां भेजा गया था। दोनों का इलाज सरोजनी नायडू बाल चिकित्सालय में चल रहा था। इलाज के दौरान ही उनकी सांसें थम गईं। खुल्दाबाद व कर्नलगंज पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम कराया गया है।

 

एक किशोरी समेत चार बच्चों की मौत की जानकारी मिली है। इसमें एक बच्चा मिशनरी के शेल्टर होम में था। खुल्दाबाद के राजकीय शिशुगृह में किशोरी काफी दिनों से बीमार थी। उसकी किडनी में संक्रमण फैल गया था। उसे एसआरएन में भर्ती कराया गया था, लेकिन हालत में सुधार नहीं आ सका। इसी तरह दो बच्चे कम वजन के थे। उनका भी इलाज कराया जा रहा था, लेकिन रिकवरी नहीं हो सकी। - सर्वजीत सिंह, जिला प्रोवेशन अधिकारी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें